एक ही फंड में शेयर, बॉन्ड और सोना! जानिए क्यों आजकल निवेशकों की जुबान पर है इस खास फंड का नाम
AMFI के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, निवेशक मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स में तेजी से रुचि दिखा रहे हैं, जो शेयर, ...और पढ़ें

एक ही फंड में शेयर, बॉन्ड और सोना! जानिए क्यों आजकल निवेशकों की जुबान पर है इस खास फंड का नाम
HighLights
AMFI के अगस्त आंकड़ों में मल्टी-एसेट फंड्स में बढ़ी रुचि।
ये फंड शेयर, बॉन्ड, सोने में कम से कम 10% निवेश करते हैं।
निवेशकों को डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो और 18% तक रिटर्न मिला।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। एसोसिएशन ऑफ़ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया यानी कि AMFI हर महीने म्यूचुअल फंड को लेकर आंकड़े जारी करता है। अगस्त के लिए आंकड़े पहले ही आ चुके हैं और इनमें एक नाम की चर्चा काफी ज्यादा तेज हो रही है।
अगस्त के महीने के लिए सामने आए आंकड़ों के हिसाब से आजकल निवेशक मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स की तरफ तेजी से भाग रहे हैं। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स क्या होते हैं? चलिए आपको इनके बारे में बताते हैं।
क्या होते हैं मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स?
सरल शब्दों में कहें तो ये एक ऐसा म्यूचुअल फंड है, जो आपका सारा पैसा एक जगह निवेश करने के बजाय कम से कम तीन अलग-अलग जगहों पर बांटकर निवेश करता है। सेबी (SEBI) के नियमों के अनुसार, इन फंड्स को कम से कम तीन एसेट क्लास में पैसा लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें हर कैटेगरी में कम से कम 10% हिस्सा होना चाहिए:
- शेयर बाजार (Equity): तेजी से तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए।
- बॉन्ड या सरकारी सिक्योरिटीज (Debt): सुरक्षित और निश्चित रिटर्न के लिए।
- सोना या चांदी (Gold/Silver): बुरे वक्त में ढाल बनने और महंगाई से लड़ने के लिए।
AMFI के अनुसार, अगस्त में मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में नेट इनफ्लो (शुद्ध निवेश) 3,671 करोड़ रुपये रहा, जबकि आर्बिट्राज फंड में 3,789 करोड़ रुपये का निवेश आया। ये आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा बाजार के माहौल में निवेशक मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड को एक बेहतरीन 'डिफेंसिव ग्रोथ' विकल्प के तौर पर देखते हैं।
अचानक क्यों बढ़ी इनकी लोकप्रियता?
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम के ज़रिए एक तैयार, हर मौसम में काम आने वाले पोर्टफोलियो की तरह काम करते हैं। इसमें फंड मैनेजर एक्टिव तौर पर एसेट मिक्स को मैनेज करते हैं और वैल्यूएशन व मार्केट ट्रेंड के आधार पर उसमें बदलाव करते रहते हैं।
इससे निवेशकों को ऑपरेशनल मुश्किलों, ट्रैकिंग की थकान और मैन्युअल रूप से रीबैलेंसिंग करने की परेशानी से छुटकारा मिलता है, और उन्हें सिर्फ़ एक फंड में निवेश करके एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो मिल जाता है।
कैसा रहा रिटर्न ?
कुछ बड़े पॉपुलर फंड्स की बात करें, तो पिछले 3 सालों में इन फंड्स ने 18 फीसदी तक का रिटर्न दिया:
- निप्पॉन मल्टी एसेट एलोकेशन फंड: 18.50% CAGR रिटर्न
- व्हाइट ओक कैपिटल फंड: 16.70% रिटर्न
- एसबीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड: 14.80% रिटर्न
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड: 14.10% रिटर्न
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है, कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
