क्या 2030 तक ₹25,000 करोड़ का आंकड़ा छू लेगी ये NBFC? जानिए कंपनी का पूरा प्लान
IKF फाइनेंस ने 2030 तक ₹25,000 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो FY22 ...और पढ़ें

क्या 2030 तक ₹25,000 करोड़ का आंकड़ा छू लेगी ये NBFC? जानिए कंपनी का पूरा प्लान
HighLights
2030 तक ₹25,000 करोड़ AUM का लक्ष्य निर्धारित।
डिजिटल और AI-आधारित ऑपरेटिंग मॉडल अपनाया गया।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, क्रेडिट रेटिंग 'AA-' हुई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी IKF फाइनेंस ने आने वाले सालों में अपनी रफ्तार को कई गुना बढ़ाने की योजना बनाई है। वित्त वर्ष 2022 में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट को चार गुना करने के बाद, कंपनी की प्रबंध निदेशक वसुमती देवी ने अब 2030 तक ₹25000 करोड़ के AUM का लक्ष्य रखा है।
शानदार रहे वित्तीय आंकड़े
हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है:
कंसोलिडेटेड AUM: लगभग 30% की बढ़त दर्ज की गई।
शुद्ध मुनाफा (PAT): ₹215 करोड़ रहा।
एसेट्स पर रिटर्न (ROA): करीब 3% दर्ज किया गया।
कंपनी का पिछला इक्विटी रिटर्न (ROE) भी 14% के स्तर पर रहा है।
रणनीति में हुए कई बदलाव
कंपनी के इस सफर की नींव कोविड महामारी के दौरान रखी गई थी, जब शाखाएं बंद होने पर IKF ने अपनी पूरी लोन प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया था। लॉगिन और केवाईसी से लेकर ई-साइन और लोन वितरण तक के सभी काम ऑनलाइन किए गए। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कंपनी का एक कर्मचारी हर कदम पर ग्राहक के साथ मौजूद रहता था। इसका असर यह हुआ कि व्हीकल फाइनेंस के क्षेत्र में कंपनी का टर्नअराउंड टाइम सबसे बेहतरीन हो गया और लोन अप्रूव होकर सिर्फ दो दिनों के भीतर ग्राहक तक पहुंचने लगा।
अब इंटीग्रेटेड और AI-बेस्ड मॉडल पर जोर
चालू रणनीतिक बदलाव के तहत, IKF ने अलग-अलग प्रक्रियाओं को डिजिटल करने के बजाय अब एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) और डेटा-आधारित ऑपरेटिंग मॉडल अपनाया है। कंपनी ने अपने सभी डेटा को एक ही जगह (डेटा लेक) पर सुरक्षित किया है और क्लाउड-नेटिव, AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाया है। इससे लागत को नियंत्रित रखते हुए नए फीचर्स और बेहतर क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम जोड़ना आसान हो गया है।
कंपनी के पास मजबूत निवेशक
कंपनी को आगे बढ़ाने में अनुभवी प्रोफेशनल्स की टीम के साथ-साथ दिग्गज निवेशकों का बड़ा हाथ है। मोतीलाल ओसवाल, 'नॉरवेस्ट' (Norwest) और 'क्रीडोर' (Creador) जैसे निवेशकों के समर्थन से कंपनी को मजबूत पूंजी (FY26 में जुटाए गए रिकॉर्ड ₹750 करोड़ सहित) और बेहतर गवर्नेंस मिली है। इन सुधारों के चलते कंपनी की क्रेडिट रेटिंग 'A' से सुधरकर 'AA-' हो गई है।