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इन 5 गलतियों की वजह से बैंक रिजेक्ट करते हैं लोन, अप्लाई से पहले व्यापारी जान लें जरूरी बात

Published: Sun, 04 Oct 2026 02:00 PM (IST)

बैंक अक्सर खराब सिबिल स्कोर, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में गलतियों और अन्य दस्तावेज़ी कमियों के कारण व्यावसायिक ऋण आवेदनों ...और पढ़ें

बैंक लोन रिजेक्ट होने के 5 कारण (AI Image)

बैंक लोन रिजेक्ट होने के 5 कारण (AI Image)

HighLights

  1. खराब सिबिल स्कोर ऋण अस्वीकृति का एक प्रमुख कारण।

  2. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में गलतियाँ लोन रोकती हैं।

  3. कमजोर क्रेडिट हिस्ट्री और अधूरे दस्तावेज़ भी आवेदन खारिज करते हैं।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| बिजनेस शुरू करने या कारोबार बढ़ाने के लिए अधिकांश लोग बैंकों से लोन लेना चाहते हैं, बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन लेना भी आसान हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में MSME और स्टार्टअप्स के लोन आवेदन अब भी रिजेक्ट हो जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब सिबिल स्कोर, कमजोर प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और दस्तावेजों में गड़बड़ी होती है।

बैंक लोन मंजूर करने से पहले सिर्फ कारोबार का आइडिया नहीं देखते, बल्कि यह भी जांचते हैं कि आवेदक की रिपेमेंट की क्षमता कितनी है, बिजनेस मॉडल कैला है और भविष्य में कैश फ्लो कैसा रहेगा। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंकों को MSME लोन आवेदन खारिज होने पर उसके प्रमुख कारण लिखित रूप में बताने होते हैं। आइए जान लेते हैं किन गलतियों की वजह से लोन रिजेक्ट होते हैं?

कितना होना चाहिए CIBIL स्कोर?

बिजनेस लोन के लिए कोई एक तय न्यूनतम CIBIL स्कोर नहीं है, क्योंकि अलग-अलग बैंक और NBFC अपने क्राइटेरिया तय करते हैं। हालांकि 750 या उससे अधिक स्कोर को मजबूत माना जाता है और इससे लोन मंजूरी की संभावना बढ़ जाती है। कई संस्थान 700 या उससे अधिक स्कोर वाले आवेदकों को प्राथमिकता देते हैं, जबकि कम स्कोर होने पर लोन का अप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकता है।

यदि किसी व्यक्ति ने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI समय पर नहीं चुकाई है, खाता NPA हो चुका है या उसे डिफॉल्टर घोषित किया गया है, तो लोन मिलने में मुश्किल आ सकती है।

DPR में गलती करने से होगा लोन रिजेक्ट

DPR यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट। यह ऐसा दस्तावेज है जिसमें कारोबार की पूरा रोडमैप दिया जाता है। इसमें प्रोजेक्ट की लागत, मशीनरी, कच्चा माल, बाजार, अनुमानित बिक्री, लाभ, कैश फ्लो, रोजगार, ब्रेक-ईवन और लोन चुकाने की योजना जैसी जानकारी शामिल होती है।

अधूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट

कई आवेदक सिर्फ लागत और अनुमानित बिक्री लिखकर DPR तैयार कर देते हैं। बैंक पूरा वित्तीय अनुमान, मार्केट स्टडी और व्यवसाय की व्यवहार्यता देखना चाहते हैं। अधूरी DPR लोन रिजेक्शन का बड़ा कारण बन सकती है।

बिक्री और मुनाफे का अनुमान

यदि रिपोर्ट में पहले ही साल करोड़ों रुपये की बिक्री या असामान्य लाभ दिखाया गया है, लेकिन उसका कोई ठोस आधार नहीं है, तो बैंक उसे अविश्वसनीय मान सकता है। जैसे आपने अपने प्रोजेक्ट में लिखा है कि आप महीने में ₹10 लाख की बिक्री करेंगे लेकिन मार्केट और कस्टमर की जानकारी में असंतुलन है तो लोन रिजेक्ट हो सकता है।

बाजार और खरीदार की जानकारी नहीं देना

बिजनेस लोन अप्लाई करने वालों से बैंक जानना चाहते हैं कि प्रोडक्ट या सर्विस कौन खरीदेगा, आपका मार्केट कितना बड़ा है और कॉम्पटीशन कितना है। यह जानकारी न होने पर प्रोजेक्ट कमजोर माना जा सकता है। इसके अलावा आप मनमानी मार्केट और कस्टमर की जानकारी फिल नहीं कर सकते हैं।

लागत और मशीनरी के गलत कोटेशन

कई मामलों में मशीनरी की कीमत बढ़ाकर दिखाने या क्लियर कोटेशन न लगाने से भी बैंक संदेह कर सकते हैं। इससे फाइल रिजेक्ट होने का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ लोग अधिक लोन पास करने के लिए अपने प्रोजेक्ट को बड़ा दिखाते हैं, लेकिन बैंक के रिव्यू में अक्सर वो गलत साबित होता है, ऐसी स्थिति में भी लोन रिजेक्ट हो सकता है।

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इन कारणों से भी रिजेक्ट हो सकता है लोन

DPR में अधूरी या गलत जानकारी देने के अलावा और भी कुछ कारण होते हैं जिसकी वजह से लोन रिजेक्ट हो सकता है, इसमें खराब क्रेडिट हिस्ट्री, GST और ITR साथ ही बैंक स्टेटमेंट में अंतर होने पर भी अप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकता है। अधिक पुराना कर्ज या ओवर-लेवरेज स्थिति या फिर जरूरी दस्तावेजों की कमी के कारण भी आवेदन में समस्या हो सकती है। इन सब के अलावा कमजोर बिजनेस मॉडल लोन रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह बन सकता है।