Business Loan: खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए मिलेगा 01 करोड़ का लोन, जानिए कैसे और कहां करें अप्लाई?
केंद्र सरकार की स्टैंड-अप इंडिया स्कीम एससी, एसटी और महिला उद्यमियों को 1 करोड़ रुपये तक का व्यवसाय ऋण प्रदान ...और पढ़ें

स्टैंड-अप इंडिया स्कीम से लें 01 करोड़ तक बिज़नेस लोन
HighLights
एससी, एसटी और महिला उद्यमियों के लिए योजना।
10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण।
7 साल में चुकाने का विकल्प, 18 माह मोहलत।
नई दिल्ली। हमारे देश में ज्यादातर लोग नौकरी छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। अधिकांश लोग इसमें सफल हो कर अच्छा खासा मुनाफा भी कमा रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके पास इन्वेस्टमेंट और फंड की समस्या आ जाती है। अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं तो केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली स्टैंड-अप इंडिया स्कीम (Stand-Up India Scheme) के बारे में जानिए जिसका लाभ उठाकर 01 करोड़ रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।
क्या है स्टैंड-अप इंडिया स्कीम?
इस योजना की शुरुआत साल 2016 में वित्त मंत्रालय की ओर से हुई थी। स्टैंड-अप इंडिया स्कीम के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं को खुद का नया बिजनेस (Greenfield Venture) शुरू करने के लिए लोन देता है। कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी SC/ST या महिला के नाम पर होनी चाहिए।
कितना और कब तक के लिए मिलेगा लोन?
स्टैंड-अप इंडिया स्कीम के तहत 10 लाख रुपये से लेकर 01 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकते हैं। ये लोन Manufacturing Unit लगाने, Service और Trading के लिए दिया जाता है। इस स्कीम के जरिए उधारकर्ता की सुविधा के लिए हैंडहोल्डिंग सपोर्ट, ट्रेनिंग और Rupay डेबिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। ये लोन अधिकतम 18 महीने की मोराटोरियम अवधि के साथ 07 सालों में चुका सकते हैं।
योजना का लाभ लेने की पात्रता
अगर आप भी स्टैंड-अप इंडिया स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसकी पात्रता के बारे में जानना भी जरूरी है।
- आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए
- आवेदक महिला होनी चाहिए, पुरुष आवेदक हैं तो SC/ST कैटेगरी से संबंधित होने चाहिए
- बैंक या वित्तीय संस्था के द्वारा डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए
जरूरी डाक्यूमेंट्स
- पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/पैन कार्ड/हस्ताक्षर पहचान पत्र
- निवास का प्रमाण और व्यावसायिक पते का प्रमाण
- नॉन डिफॉल्ट कन्फर्मेशन
- फाइनेंशिएल स्टेटमेंट
- कंपनी के डाक्यूमेंट, MSME/SSI का रजिस्ट्रेशन
- प्रॉपर्टी लीज या डील में ली है तो उसका प्रमाण
- आवेदक SC/ST कैटेगरी से है तो प्रमाणपत्र
- इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट - यह सत्या पि त करें कि SC/एसटी/महि ला श्रेणी के किसी व्यक्ति द्वारा बहुसंख्यक स्टेकस्टे होल्डिंग रखी गई है या नहीं.
