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MSME Bank Loan लेने से पहले Key Fact Sheet जरूर देखें, नहीं तो फंसेंगे पेनॉल्टीज और हिडेन चार्ज के चक्कर में!

Published: Mon, 11 May 2026 11:59 AM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक ने MSME सहित सभी लोन लेने वालों के लिए 'की फैक्ट शीट' जारी करना अनिवार्य कर दिया ...और पढ़ें

लोन लेने से पहले Key Fact Sheet जरूर देखें (सांकेतिक तस्वीर)

लोन लेने से पहले Key Fact Sheet जरूर देखें (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. RBI ने लोन के लिए 'की फैक्ट शीट' अनिवार्य की।

  2. यह ग्राहकों को छिपे शुल्कों और पेनॉल्टी से बचाएगी।

  3. लोन की शर्तों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, शिकायत भी कर सकते हैं।

नई दिल्ली| हमारे देश में अधिकांश लोग कार लोन, होम लोन, एजुकेशन लोन और बिजनेस लोन लेते हैं। लोन लेते हुए कई बार बैंकों की ओर से लागू शर्तें कस्टर की जानकारी में नहीं होती हैं। MSME लोन लेते वक्त कई बार ज्यादातर छोटे व्यापारी नियम और शर्तों को बिना पढ़े ही साइन कर देते हैं, इसके बाद लोन चुकाते समय अधिक ब्याज दर या अन्य चार्जेस को लेकर परेशान होते हैं।
RBI ने इस समस्या को दूर करने और लोन लेते हुए ग्राहकों की स्पष्टता के लिए सभी बैंकों और NBFC के लिए 'की फैक्ट शीट' (KEY Fact Sheet) जारी करना अनिवार्य कर दिया। इसका लाभ MSME को लोन लेते हुए पारदर्शिता का लाभ दिलाएगी।

क्या होती है 'की फैक्ट शीट?'

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशा निर्देश के अनुसार सभी कॉमर्शियल बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) को लोन देते हुए 'की फैक्ट स्टेटमेंट' जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस शीट में लोन से जुड़ी सभी बारीकियां स्पष्ट शब्दों में लिखी होती हैं, जिससे बैंक और ग्राहक के बीच पारदर्शिता और स्पष्टता बनी रहती है।

की फैक्ट शीट में क्या-क्या लिखा होता है?

KEY Fact Sheet में लोन से जुड़ी सभी जरूरी बातें लिखी होती हैं। इसमें लोन की राशि, ब्याज दर, लोन की अवधि, EMI की रकम, APR (वार्षिक प्रतिशत दर), प्रोसेसिंग फीस, लेट पेमेंट पेनॉल्टीज, प्रीपेमेंट/फोरक्लोजर चार्ज से जुड़ी जानकारी, लोन से जुड़े अन्य चार्जेस इन सबके अलावा भुगतान की शर्तें अनिवार्य रूप से लिखी जाती हैं।

की फैक्ट शीट से क्या फायदा मिलेगा?

की फैक्ट स्टेटमेंट में लोन, ब्याज, किश्त और पेनॉल्टी शुल्क के बारे में सारी बातें साफ-साफ लिखी होती हैं। अगर आप कोई भी लोन लेने से पहले की फैक्ट शीट को अच्छी तरह से पढ़ लेते हैं तो APR और EMI से जुड़ी सारी बातें साफ हो जाती हैं। इससे आप अनियमितता से भी बच सकेंगे। सबसे जरूरी बात ये हैं कि आप भुगतान की सारी शर्तों और कटौतियों के बारे में अच्छी तरह से जान लेंगे।

ये भी पढ़ें: समय से पहले लोन चुकाने पर बैंक नहीं वसूल सकेंगे प्री पेमेंट चार्ज, MSME को RBI की बड़ी राहत; 11 सवालों में सबकुछ

की फैक्ट शीट ना मिलने पर करें शिकायत

आरबीआई के दिशा निर्देश के अनुसार हर बैंक को अपने ग्राहकों को 'की फैक्ट शीट' देना जरूरी है। अगर बैंक या NBFC की तरफ से की फैक्ट स्टेटमेंट नहीं दिया जा रहा है तो आप शिकायत ही दर्ज करा सकते हैं। सबसे पहले तो आप बैंक या शाखा में लिखित में शिकायत दर्ज करा सकते हैं, इसके अलावा हर बैंक में शिकायत निवारण अधिकारी होते हैं उनसे मिल कर शिकायत कर सकते हैं। साथ ही 1915 या 1800-11-4000 नंबर पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।