युद्ध बना भारत के लिए वरदान? इंडिया के पास बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पीछे छोड़ने का मौका
मिडिल ईस्ट के युद्ध का असर इन दिनों पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश की इकॉनमी पर ...और पढ़ें

बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दबाव में (AI Image)
HighLights
युद्ध से बांग्लादेश की इकॉनमी प्रभावित
बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री घाटे में
भारत को मिला बढ़त बनाने का मौका
नई दिल्ली| भारत का कपड़ा उद्योग इन दिनों चर्चा में है। दुनिया की सबसे बड़ी टेक्सटाइल इंडस्ट्री में टॉप 5 देशों में भारत भी शामिल है। बता दें कि पूरी दुनिया में सबसे बड़ी टेक्सटाइल इंडस्ट्री चीन है, और दूसरे स्थान पर बांग्लादेश का नाम आता है जो साउथ एशिया में स्थित देशों में भारत का सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर देश भी है। भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश की इकॉनमी में कपड़ा उद्योग सबसे बड़ा रोल प्ले करता है, लेकिन इन दिनों बांग्लादेश के टेक्सटाइल इंडस्ट्री की हालत खराब है। जबकि भारत के पास बढ़त बनाने का एक मौका है।
मिडिल ईस्ट युद्ध का बांग्लादेश पर बुरा असर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों में ईंधन और ऊर्जा का आपूर्ति संकट बढ़ा है, साथ ही इसकी कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इससे कई कंपनियां समय पर निर्यात नहीं कर पा रही हैं। जर्मन मीडिया DW की एक रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग के हाल बेहाल हैं। फैक्ट्री के मैनेजर से बातचीत कर ये जानकारी सामने आई कि बांग्लादेश में बिजली कटौती बढ़ गई है जिससे मशीनें लगातार बंद हो रही हैं, इसके कारण उत्पादन घटा है।
माल की डिलिवरी बनी चिंता का विषय
युद्ध की वजह से शिपमेंट बड़ा चैलेंज बनकर उभरा है। ईंधन की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ा है। बांग्लादेश के प्रमुख टेक्सटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने DW को बताया कि जब हम खरीदारों को सही डेट पर डिलिवरी नहीं दे पाते हैं तो उनके साथ मोलभाव करना पड़ता है। उन्होंने आगे बताया कि अब हमें हवाई रास्ते से माल की डिलिवरी भेजनी पड़ती है जिसके कारण माल की 50-60 फीसदी कीमत ढुलाई में ही चली जाती है।
पूरे देश में पड़ेगा बुरा असर
टेक्सटाइल इंडस्ट्री की इस चुनौती का असर पूरे देश में पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 40 लाख लोग कपड़ा उद्योग से जुड़े हैं। बांग्लादेश में कोरोना के बाद से ही इंडस्ट्री लगातार दबाव में है, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और अब मिडिल ईस्ट के तनाव के चलते इस बार हालात बेहद खराब हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका असर बांग्लादेश की इकॉनमी पर भी देखने को मिलेगा।
भारत के पास बढ़त बनाने का मौका
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दुनिया में पांचवें स्थान पर है। भारत का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी देश बांग्लादेश ही है जो ग्लोबल लेवल पर दूसरे स्थान पर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में आने वाली चुनौतियों के बीच भारत के पास बढ़त बनाने का मौका है।
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एक्सपर्ट्स बताते हैं कि तेल तक पहुंच की स्थिति के मामले में भारत बांग्लादेश के मुकाबले अच्छी स्थिति में है। इसके अलावा भारत के रिजर्व और अच्छे सोर्स भी मौजूद हैं। बांग्लादेश ने माना कि इस संकट में भारत और पाकिस्तान से हमें कड़ी टक्कर मिलेगी।
बांग्लादेश से कितना पीछे है भारत?
बता दें कि पूरी दुनिया की टेक्सटाइल में सबसे मजबूत पकड़ चीन की है। जो पूरी दुनिया के मार्केट में 40 फीसदी का योगदान देता है। चीन के बाद बांग्लादेश का नाम आता है। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार बांग्लादेश ने 38.48 बिलियन डॉलर का कपड़ा निर्यात किया था। वहीं भारत 36.61 बिलियन डॉलर से साथ वियतनाम और तुर्किए के बाद पांचवें स्थान पर था। अगर बांग्लादेश में शिपमेंट और बिजली की समस्या लंबी चली तो भारत के पास आगे बढ़ने का अच्छा मौका रहेगा।
