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विदेशों में भारतीय आमों के इन 2 किस्मों का जलवा, एयर इंडिया ने किया 1,000 टन से अधिक एक्सपोर्ट

Published: Mon, 08 Jun 2026 11:01 AM (IST)

एयर इंडिया ने मार्च से मई के बीच 1,000 टन से अधिक भारतीय आमों का निर्यात किया, ये आम मुख्य ...और पढ़ें

भारतीय आमों की विदेशों में मांग बढ़ी

भारतीय आमों की विदेशों में मांग बढ़ी

HighLights

  1. एयर इंडिया ने 1000 टन से अधिक आम निर्यात किए।

  2. अल्फांसो और केसर आमों की विदेशों में भारी मांग।

  3. मुंबई प्रमुख निर्यात केंद्र, कोल्ड स्टोरेज सुविधाएँ विकसित।

नई दिल्ली| आम उत्पादन के मामले में भारत पूरी दुनिया में टॉप पर है। भारतीय आमों को विदेशों में भी खूब पसंद किया जाता है। देश की प्रमुख एयरलाइंस में शामिल एयर इंडिया ने भारतीय आमों के निर्यात (Import) को लेकर बड़ी जानकारी दी है। एयर इंडिया ने मार्च से मई के बीच 3,300 टन से अधिक समुद्री फल और परिवहन परिवहन किया। एयरलाइन ने बीते दिनों मीडिया को जानकारी दी कि इसमें 1,000 टन से ज्यादा आम शामिल थे।

इन किस्मों की भारी डिमांड

भारत में आम की हजारों किस्में पाई जाती हैं, लेकिन कुछ ऐसी किस्में हैं जो विदेश में बड़े चाव से खाई जाती हैं। एयरलाइन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार शिपमेंट के दौरान मुख्य रूप से अल्फोंसो और केसर जैसी लोकप्रिय भारतीय आम की किस्मों की मांग जबरदस्त देखी गई। ये प्रीमियम आम की किस्में मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गुजरात में उगाई जाती हैं और यूरोप, उत्तरी अमेरिका, पश्चिम एशिया जैसे अन्य क्षेत्रों में निर्यात की जाती हैं।

एयरपोर्ट्स पर बनाए गए कोल्ड स्टोरेज

पश्चिमी भारत के प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों से नजदीकी होने के कारण मुंबई विदेशों में आम एक्सपोर्ट का मुख्य केंद्र बनकर उभरा। व्यस्त सप्ताहों के दौरान, एयर इंडिया ने मुंबई से लंदन हीथ्रो तक प्रति सप्ताह 180 टन तक आमों का एक्सपोर्ट किया। इसके अलावा फ्रैंकफर्ट में लगभग 40 टन प्रति सप्ताह माल पहुंचता था। दुबई, नेवार्क और न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे से लगभग 30 टन प्रति सप्ताह माल का परिवहन होता था।

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एयरलाइन ने बताया कि उसने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, लंदन हीथ्रो, फ्रैंकफर्ट, जेएफके और नेवार्क सहित 14 हवाई अड्डों पर कोल्ड स्टोरेज और एक्टिव कंटेनर की क्षमता विकसित कर ली है। हैंडलिंग ऑपरेशन के दौरान तापमान को स्थिर बनाए रखने के लिए कूल डॉली और थर्मल ब्लैंकेट जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

इन इलाकों में छाए भारतीय आम

एयर इंडिया के कार्गो प्रमुख रमेश मामिडाला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "केवल तीन महीनों में 1,000 टन से अधिक आमों का परिवहन करना मांग के पैमाने और हमारी कोल्ड-चेन प्रक्रियाओं की मजबूती दोनों को दर्शाता है।" उन्होंने आगे कहा कि विदेशी उपभोक्ताओं के बीच भारतीय आमों की मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर उन बाजारों में जहां भारतीयों की बड़ी आबादी है। उन इलाकों में आम गर्मियों के महीनों के दौरान एक मुख्य फल पदार्थ है।

 

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