FPO बनाकर इंटरनेशनल मार्केट से जुड़े हरियाणा के किसान, सीधे कनाडा भेजी 24 टन फ्रोजन फूड की खेप! ये रहा मास्टर प्लान
हरियाणा के सोनीपत से एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) ने 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप सीधे कनाडा निर्यात की है।

हरियाणा से कनाडा पहुंचा किसानों का माल (AI Image)
HighLights
सोनीपत FPO ने कनाडा को 24 टन फ्रोजन फूड निर्यात किया।
APEDA ने निर्यात में सहायता की, किसानों को लाभ।
FPO अब सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य-वर्धित उत्पाद बेच रहे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| किसान उत्पादक संगठन यानी FPO अब केवल कृषि उपज के घरेलू कारोबार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने लगे हैं। हरियाणा के सोनीपत से एक FPO ने 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप कनाडा भेजी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह खेप 1 अक्टूबर को सोनीपत से रवाना की गई।
इस निर्यात को Aterna Foods Producer Company Limited ने किया है। करीब 24 मीट्रिक टन की इस खेप में 2,295 बॉक्स फ्रोजन फूड उत्पाद शामिल हैं। जिसमें हरी मटर, मिक्स्ड वेजिटेबल्स, मटर-गाजर, स्वीट कॉर्न और समोसे जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जिसका मूल्य करीब 35,140 कनाडाई डॉलर है।
हरियाणा से कनाडा तक इस एक्सपोर्ट को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की बड़ी भूमिका रही है। APEDA ने अपनी Financial Assistance Scheme के तहत एक्सपोर्ट यूनिट को सहायता भी दी। इस पहल का उद्देश्य भारतीय प्रोसेस्ड फूड आयटम्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के अवसर बढ़ाने के साथ FPO को विदेशी खरीदारों से जोड़ना है।
प्रोसेस्ड फूड में बढ़ी संभावनाएं
हरियाणा से कनाडा भेजी गई यह खेप इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसमें सिर्फ कच्ची कृषि उपज नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड और फ्रोजन फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इससे FPO के लिए कृषि उपज को प्रोसेस करके वैल्यू एडेड वाले प्रोडक्ट्स के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
FPO के जरिए किसानों की उपज को प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग और निर्यात बाजार से जोड़ा जा सकता है। इससे किसानों का ग्रुप ग्लोबल मार्केट में सीधे या निर्यातकों के साथ मिलकर कारोबार कर सकते हैं और अपनी उपज का बेहतर दाम कमा सकते हैं।
APEDA की मदद से ग्लोबल मार्केट से जोड़े किसान
APEDA की ओर से FPO और निर्यातकों के बीच बाजार संपर्क विकसित करने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इनका उद्देश्य किसान समूहों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और ग्लोबल कृषि और फूड सप्लाई चेन से जोड़ना है। हरियाणा से कनाडा भेजी गई फ्रोजन फूड की खेप भी इसी दिशा में एक कदम है।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने निर्यातक और इससे जुड़े अन्य पक्षों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि FPO की ओर से सीधे एक्सपोर्ट किए जाने से उत्पादकों को मिलने वाले मूल्य में सुधार हो सकता है। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) के योगदान की भी तारीफ की और कनाडाई बाजार में भारतीय उत्पादों के निर्यात के बढ़ने की उम्मीद जताई।
किसानों को कितना फायदा?
FPO के अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे प्रवेश से किसानों के लिए सिर्फ अनाज, फल, सब्जियां या अन्य कच्ची उपज बेचने के बजाय उनसे तैयार वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट बेचने का रास्ता खुलता है। प्रोसेसिंग, फ्रीजिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए कृषि उत्पाद की वैल्यू बढ़ाई जा सकती है। इससे FPO आधारित कारोबार को निर्यात केंद्रित बनाने और किसानों को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
