Dairy और Poultry चलाने वालों के लिए भी जरूरी है GST रजिस्ट्रेशन? गाय-भैंस पालने वाले हर किसी को जानना चाहिए ये नियम
ग्रामीण और छोटे शहरों में डेयरी व पोल्ट्री व्यवसाय बढ़ रहा है, लेकिन इनमें GST रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता उत्पादों और कारोबार के प्रकार पर निर्भर करती है।

Dairy Farm के लिए क्या है नियम
HighLights
ताजा दूध, पाश्चराइज्ड मिल्क और अंडों पर GST नहीं लगता।
पैकेज्ड और लेबल वाले डेयरी उत्पादों पर 5% GST लागू है।
टर्नओवर और सप्लाई के आधार पर GST रजिस्ट्रेशन जरूरी हो सकता है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| गांवों और छोटे शहरों में डेयरी और पोल्ट्री कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग दूध बेचने, डेयरी उत्पाद बनाने, मुर्गी पालन और अंडों की बिक्री से अच्छी कमाई कर रहे हैं। हालांकि किसी भी तरह के व्यापार में जरूरी नियम और रजिस्ट्रेशन होते हैं। ऐसे में कारोबार शुरू करने वाले लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या डेयरी और पोल्ट्री व्यवसाय के लिए GST रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है? दरअसल इस सवाल का जवाब यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा उत्पाद बेच रहे हैं और आपका कारोबार किस तरह का है।
केवल दूध या अंडे बेचते हैं तो राहत
GST नियमों के मुताबिक ताजा दूध, पाश्चराइज्ड मिल्क, खुले में बिकने वाला दही, छाछ और कई अन्य बुनियादी डेयरी उत्पाद GST फ्री हैं। इसी तरह ताजे अंडे और कई पोल्ट्री उत्पादों पर भी GST नहीं लगता। यदि कोई कारोबारी केवल ऐसे ही GST फ्री प्रोडक्ट्स बेच रहा है तो उसे सामान्य तौर पर GST रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होती।
कब जरूरी है GST रजिस्ट्रेशन?
अगर आप खुले बाजारों में दूध और अंडे का कारोबार करते हैं तो आमतौर पर GST रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है, लेकिन जब डेयरी कारोबारी पैकेज्ड और लेबल वाले कुछ डेयरी उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड आइटम या अन्य मिल्क फूड आयटम्स बेचते हैं तब GST नियम लागू हो सकते हैं। ऐसे मामलों में कारोबार के टर्नओवर और सप्लाई के आधार पर रजिस्ट्रेशन जरूरी हो सकता है।
ये भी पढ़ें: चाय दुकान, किराना, सब्जी और रेहड़ी वालों के लिए भी जरूरी है GST रजिस्ट्रेशन? समझिए छोटे दुकानदारों के फाइलिंग का नियम
इन डेयरी प्रोडक्ट्स पर लागू है जीएसटी
अब सवाल ये है कि किन प्रोडक्ट्स पर और कितना GST लगाया जाता है। बता दें कि डेयरी प्रोडक्ट्स पर 5 फीसदी जीएसटी लागू है। इसमें कंडेंस्ड मिल्क, चीनी या अन्य मीठे पदार्थ युक्त दूध और क्रीम, स्किम्ड मिल्क पाउडर, लेबल लगे दही, लेबल लगी लस्सी, लेबल किए गए छाछ और अन्य लेबल लगे घी-मक्खन जैसे प्रोडक्ट्स पर जीएसटी लागू है। इसके अलावा दूध से बने उत्पादों जिनमें प्राकृतिक दूध के घटक शामिल हैं, चाहे वे मीठे हों या बिना मीठे उनपर भी टैक्स लागू है।
