छोटे व्यापारी इन 7 गलतियों से बचें नहीं तो आ सकता है GST नोटिस, कार्रवाई से बचने के उपाय भी गांठ बांध लें
जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने से टैक्स विभाग कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर रखता है, जिससे रिटर्न में गड़बड़ी या ...और पढ़ें

GST नोटिस से बचने के उपाय
HighLights
GSTR-1 और GSTR-3B का नियमित मिलान सुनिश्चित करें।
केवल पात्र और सत्यापित इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करें।
समय पर रिटर्न दाखिल करें और सभी नियमों का पालन करें।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| सरकार की ओर से टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए GST लागू किया गया था। जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही टैक्स विभाग डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर रखता है। रिटर्न, ई-वे बिल, ई-इनवॉइस और बैंकिंग डेटा के मिलान में गड़बड़ी मिलने पर विभाग नोटिस जारी करता है। कई बार कंप्लायंस संबंधी गलतियों की वजह से भी नोटिस आते हैं, आइए उनके बारे में जान लेते हैं।
किन कारणों से आता है GST नोटिस?
रिटर्न में अंतर: GSTR-1 और GSTR-3B में बिक्री का आंकड़ा अलग होने पर विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है।
गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा: यदि कारोबारी ऐसे बिलों पर ITC ले लेता है जो नियमों के अनुरूप नहीं हैं या सप्लायर ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो नोटिस मिल सकता है।
रिटर्न समय पर दाखिल न करना: लगातार रिटर्न दाखिल नहीं करने या देरी से दाखिल करने पर विभाग नोटिस भेज सकता है।
ई-वे बिल और रिटर्न में अंतर: ये ट्रांसपोर्टर्स और सप्लायर्स के लिए ध्यान रखने वाली बात है, माल की आवाजाही का रिकॉर्ड और रिटर्न में घोषित बिक्री का आंकड़ा मैच नहीं होने पर जांच हो सकती है।
ई-इनवॉइस नियमों का उल्लंघन: जिन कारोबारियों के लिए ई-इनवॉइस अनिवार्य है, उनके द्वारा नियमों का पालन न करने पर नोटिस जारी हो सकता है।
फर्जी बिलिंग या संदिग्ध लेनदेन: फर्जी कंपनियों से खरीद, बिना माल की आपूर्ति के बिल जारी करना या संदिग्ध लेनदेन विभाग के रडार पर आ सकते हैं।
टैक्स भुगतान में कमी: रिटर्न दाखिल करने के बावजूद सही कर जमा नहीं होने पर भी विभाग नोटिस जारी करता है।
नोटिस से बचने के लिए क्या करें?
GST नोटिस जारी होते ही कई बार व्यापारियों की चिंता बढ़ जाती है। कई बार कुछ लोगों को कानूनी कार्रवाई का भी डर होता है। हालांकि GST विभाग की ओर से मिलने वाला नोटिस सीधे आप पर कार्रवाई के लिए नहीं होता, लेकिन वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा कारण बन जाता है, जो बाद में आपके व्यापार को प्रभावित कर सकता है, इसलिए नोटिस से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए उपाय जान लेते हैं।
- GSTR-1 और GSTR-3B का नियमित मिलान करें।
- खरीद और बिक्री के सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें।
- केवल पात्र और सत्यापित ITC का ही दावा करें।
- रिटर्न समय पर दाखिल करें।
- ई-वे बिल और ई-इनवॉइस नियमों का पालन करें।
- विभाग से प्राप्त ईमेल और पोर्टल अलर्ट नियमित रूप से जांचते रहें।
- किसी भी नोटिस का जवाब निर्धारित समय सीमा के भीतर दें।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही रिकॉर्ड, समय पर रिटर्न फाइलिंग और नियमित मिलान से अधिकांश जीएसटी नोटिसों से बचा जा सकता है। छोटे कारोबारियों और MSME इकाइयों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
