इन 3 गलतियों से रिजेक्ट होते हैं बिजनेस लोन, अप्लाई करने से पहले कौन सी जरूरी तैयारी करें?
सरकारी योजनाओं के तहत बिजनेस लोन आवेदन अक्सर कुछ गलतियों के कारण रद्द हो जाते हैं। सब्सिडी के गलत इस्तेमाल से बचने पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

बिजनेस लोन रिजेक्ट होने की मुख्य वजहें (AI Image)
HighLights
अधूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) से बचें, स्पष्ट जानकारी दें।
उच्च सिबिल स्कोर बनाए रखें और डिफाल्टर न बनें।
सब्सिडी का सही उपयोग करें, मार्जिन मनी तैयार रखें।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| बिजनेस लोन अप्लाई करने वाले अधिकांश लोगों की शिकायत होती हैं कि सरकार की स्कीम का उन्हें पूरा फायदा नहीं मिलता है। अधिकांश लोगों के लोन अप्लीकेशंस रद हो जाते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अगर बैंकों के माध्यम से लोन अप्लाई कर रहे हैं तो जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप MSME के लिए चलाई गई Government schemes के तहत लोन अप्लाई करते हैं तो स्टडी करें, आइए जान लेते हैं कि किन गलतियों के कारण लोन रिजेक्ट होते हैं?
अधूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)
किसी भी सरकारी स्कीम के तहत बिजनेस लोन लेने के लिए DPR (Detailed Project Report) में स्पष्टता बहुत जरूरी है। ये ऐसा दस्तावेज है जिसमें आपके बिजनेस की पूरी जानकारी, भविष्य की कमाई का अनुमान और फाइनेंशियल प्लान होता है। इसमें मार्केट रिसर्च, कहां से माल लेना है-किसे बेचना है। बिजनेस शुरू करने में कितना खर्च, मशीनों में कितना और रॉ मैटेरियल में कितना खर्च, कितने वर्क फोर्स की जरूरत, टर्नओवर का अनुमान और लोन चुकाने का प्लान जैसी जानकारी देनी होती है। अगर आपका DPR अधूरा है या फिर स्पष्ट नहीं है तो बैंक एनालिसिस में आपका लोन रिजेक्ट हो सकता है।
सिबिल स्कोर और डिफाल्टर होना
कम सिबिल स्कोर और बैंक या वित्तीय संस्थाओं की ओर से डिफॉल्टर घोषित किए जाने पर भी लोन रिजेक्ट हो सकता है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपका सिबिल स्कोर कम से कम 750+ होना जरूरी है। इससे बैंक ये डिसाइड करता है कि आप समय पर रिपेमेंट करते हैं या नहीं?
वहीं डिफाल्टर का इसका मतलब है कि आपने लगातार 90 दिनों से अधिक समय तक अपने लोन की किस्तें नहीं चुकाईं और बैंक ने आपके खाते को NPA (Non-Performing Asset) मान लिया है। यदि आपके पास पैसे होने के बावजूद आप लोन नहीं चुका रहे हैं, तो बैंक आपको 'विल्फुल डिफाल्टर' घोषित कर देता है। दोनों कंडीशन में बैंक आपका लोन रिजेक्ट कर सकता है।
सब्सिडी का गलत इस्तेमाल
कुछ लोग सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाली सब्सिडी का गलत इस्तेमाल करते हैं। जैसे मशीनों के कोटेशन (Quotations) फर्जी या बहुत महंगे बनवाते हैं और मार्केट रेट से बहुत महंगी मशीनें दिखा देते हैं, इसके अलावा खुद की पूंजी (Margin Money) देने में आनाकानी करना जैसे हर सरकारी लोन में आवेदक को कुल लागत का 5% से 10% खुद का पैसा लगाना होता है।
ये भी पढ़ें: नए व्यापारी जान लें GST फाइलिंग का नियम! टर्नओवर, GSTR-1 और GSTR-3B की लास्ट डेट और न भरने वालों पर क्या कार्रवाई?
यदि आप बैंक से कहते हैं कि आपके पास कोई पूंजी नहीं है और सारा पैसा, लोन और सब्सिडी से ही एडजस्ट करवाना चाहते हैं तो बैंक समझ जाता है कि आपका बिजनेस में कोई व्यक्तिगत रिस्क नहीं है, तो आप प्रॉफिट और रिपेमेंट के लिए एफर्ट नहीं लगाएंगे, इसलिए लोन रिजेक्ट हो सकता है।
लोन रिजेक्ट से बचने के उपाय
बेहतर DPR बनाएं, जानकारी स्पष्ट लिखें, कुछ भी न छिपाएं।
सिबिल स्कोर मेंटेन रखें, समय पर रिपेमेंट की आदत बनाएं।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ने वाले मशीनों का सही कोटेशन दिखाएं।
मार्जिन मनी तैयार रखें और लोन से पहले अपनी फाइनेंशियल कंडीशन स्पष्ट करें।
डाक्यूमेंट्स में नाम, पता, जमीन की जानकारी गलत न दिखाएं।
