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नवरात्र-दिवाली से न्यू ईयर तक सिर्फ 3 महीने करें अफगानी ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस? माल खरीदने-बेचने, मुनाफा और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी पूरी डिटेल

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:33 PM (IST)

यह लेख अफगानी ड्राई फ्रूट्स के व्यापार के बारे में बताता है, जिसमें नवरात्र और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान इनकी बढ़ती मांग का लाभ उठाने के तरीके शामिल हैं।

अफगानी ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस (AI Image)

अफगानी ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस (AI Image)

HighLights

  1. नवरात्र-दिवाली पर अफगानी ड्राई फ्रूट्स की बंपर मांग।

  2. आयात के लिए IEC सहित आवश्यक दस्तावेज़ और प्रक्रिया।

  3. 20-50% तक मुनाफा, दिल्ली-मुंबई में थोक बाजार उपलब्ध।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत में कुछ ऐसे व्यापार हैं जो सीजनल होते हैं, साल में एक बार करके भी अच्छी कमाई की जा सकती है। आपको ड्राईफ्रूट के बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं, हालांकि ये सीजनल बिजनेस नहीं है इनकी बाजार मांग सालभर बनी रहती है, लेकिन नवरात्र और दिवाली के दौरान इनकी बंपर मांग रहती है। आप अफगानिस्तान से इंपोर्ट करके देश में बेच सकते हैं। पूरी जानकारी देते हैं।

नवरात्र, दशहरा, करवा चौथ और दिवाली के दौरान ड्राई फ्रूट्स की मांग कई गुना बढ़ जाती है। गिफ्ट पैक, कॉर्पोरेट गिफ्टिंग, मिठाई उद्योग और रिटेल बिक्री के कारण बादाम, पिस्ता, अखरोट, खुबानी (Apricot), किशमिश और अंजीर की खपत तेजी से बढ़ती है। अफगानिस्तान लंबे समय से हाई क्वालिटी वाले ड्राई फ्रूट्स का बड़ा सोर्स रहा है और भारत बड़ी मात्रा में वहां से आयात करता है।

अफगानिस्तान से कैसे करें इंपोर्ट

यदि बड़ा कारोबार करना चाहते हैं तो अफगानिस्तान से सीधे माल मंगाया जा सकता है। इसके लिए कम से कम ₹5 लाख का माल उठाना फायदेमंद रहेगा। अफगानी सप्लायर खोजने के लिए अफगान चैंबर ऑफ कॉमर्स या B2B प्लेटफॉर्म (Alibaba, TradeIndia, IndiaMART आदि) पर विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा DGFT की मदद से भारतीय इंपोर्टर्स से मिलकर भी मदद ली जा सकती है।

जरूरी रजिस्ट्रेशन

अगर आप विदेशों से माल आयात करना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी पेपरवर्क्स और रजिस्ट्रेशन कराने होंगे।

  • IEC (इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड) यह DGFT से बनता है।
  • GST रजिस्ट्रेशन
  • PAN कार्ड
  • करंट अकाउंट
  • AD कोड रजिस्ट्रेशन
  • इंपोर्ट एग्रीमेंट / परचेज ऑर्डर
  • कमर्शियल इनवॉइस
  • पैकिंग लिस्ट
  • बिल ऑफ लैडिंग / एयरवे बिल
  • सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन
  • इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट्स

आयात के बाद बिक्री और मार्जिन कितना?

अब सबसे जरूरी सवाल ये है कि आयातित ड्राईफ्रूट्स को कहां बेचा जा सकता है? अक्टूबर-नवंबर से लेकर दिसंबर और न्यू-ईयर तक ऐसे ढेरों त्योहार हैं जहां उपवास, पूजा, शादी और गिफ्ट पैकेजिंग के लिए ड्राईफ्रूट्स की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अफगानी सूखे मेवे हाई क्वालिटी के होते हैं, इनकी कीमत भी सामान्य ड्राई-फ्रूट्स के मुकाबले अधिक होती है।

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किराना स्टोर, मिठाई दुकानें, ड्राई फ्रूट शॉप, होटल और कैटरर के साथ गिफ्ट पैक बिजनेस के तौर पर सप्लाई कर सकते हैं। अनुभवी इंपोर्टर्स की मानें तो इसमें 20-50 फीसदी तक मार्जिन मिलता है। कई बार दोगुनी कीमत में भी ड्राई-फ्रूट्स बिक जाते है।

देश में कहां मिलते हैं अफगानी सूखे मेवे?

अगर आप इंपोर्ट नहीं करना चाहते और देश में ही बल्क में खरीदारी करना चाहते हैं तो इसके लिए कई मंडियां मशहूर हैं, जहां बड़े इंपोर्टर अफगानिस्तान से आयात करके देश में थोक में बेचते हैं। ये मुख्य रूप से दिल्ली की खारी बाउली (चांदनी चौक), लाजपत नगर में मिलते हैं, इसके अलावा अमृतसर ड्राई फ्रूट मार्केट, मुंबई मस्जिद बंदर क्षेत्र, जयपुर मंडी और होलसेल मार्केट प्रमुख है। इसके अलावा आप इन्हें IndiaMART जैसे बी2बी पोर्टल्स और सीधे आयातक (Importers) से भी भारी मात्रा में खरीद सकते हैं।