जापानी अर्थव्यवस्था की शिथिलता के बावजूद जापान के केंद्रीय बैंक की तरफ से कोई राहत नहीं मिलने का असर ग्लोबल बाजारों के साथ भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर भी पड़ा। सप्ताह के अंत में घरेलू सूचकांक एक फीसद की गिरावट के साथ बंद हुए। चौथी तिमाही के अब तक जितने भी नतीजे आए हैं, उनमें मिला-जुला रुख देखने को मिला है। सीमेंट कंपनियों की बिक्री के अच्छे आंकड़े आ रहे हैं। बैंक अब भी एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं। जबकि टेलीकॉम कंपनियां मुनाफे में कमी की दिक्कत का सामना कर रही हैं। जिन 150 कंपनियों ने अभी तक नतीजे घोषित किए हैं, उनके टर्नओवर की वृद्धि दर स्थिर से कमी की तरफ दिखी है। जबकि टैक्स पूर्व मुनाफे में

23 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई है।

समायोजित कर पश्चात लाभ में भी 26 फीसद की बढ़त देखी है। बाजारों में आगे चलकर भी कंसोलिडेशन

की उम्मीद है। अगर संसद की तरफ से कोई सकारात्मक खबर आती है तो बाजार ऊपर की तरफ उठ सकता है। लेकिन ग्लोबल और घरेलू स्तर पर जो रुख दिख रहा है उसमें बाजार में कंसोलिडेशन की भावना प्रबल रहने वाली है। घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का सवाल है, तो सोमवार को निक्केई मैन्यूफैक्र्चंरग पीएमआइ के आंकड़े जारी होंगे। इसमें हल्की कमजोरी की आशंका व्यक्त की जा रही है। निक्केई सर्विस पीएमआइ के

आंकड़े बुधवार को जारी होंगे। अप्रैल महीने के ऑटोमोबाइल क्षेत्र के बिक्री आंकड़े सोमवार से आना शुरू होंगे। इसलिए इन कंपनियों के शेयर भी चर्चा में रहेंगे। कोल इंडिया भी मासिक उत्पादन और डिस्पैच के आंकड़े जारी करेगी। इसके शेयरों पर भी कारोबारियों का ध्यान रहेगा। इस सप्ताह जिन कंपनियों के नतीजों का एलान होना है, उनमें एचडीएफसी, एलएंडटी फाइनेंस, अडानी पोट्र्स, अडानी पॉवर, बीएएसएफ, सेंचुरी टेक्सटाइल, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, एमआरएफ, टीवीएस मोटर्स, डीएचएफएल, जिंदल स्टील, मंगलम सीमेंट, कैस्ट्रॉल, आइशर, ईमामी, गोदरेज प्रॉपर्टीज, हीरो मोटो कॉर्प, एवरेडी, ग्रीव्स कॉटन, फाइजर, टाइटन और ग्रासिम आदि शामिल हैं।

अभी कंसोलिडेशन के दौर में रहेगा बाजार।

संदीप पारवाल

एमडी एसपीए कैपिटल्स

Posted By: Babita Kashyap