ट्रैवल इंश्योरेंस क्यों जरूरी है? इंश्योरेंस प्लान लेने से पहले उसमें क्या देखना चाहिए?

-अगर आप विदेश घूमने जा रहे हैं तो ट्रैवल इंश्योरेंस लेना यात्रा का एक अहम हिस्सा होना चाहिए। अक्सर विदेश दौरों पर छुट्टियां मनाते वक्त ऐसे वाकये होते हैं जिनके लिए आप कतई तैयार नहीं होते और वे आपको चौंका देते हैं। मसलन आपके साथ या परिवार के किसी सदस्य के साथ मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति आ जाए। जब आप अपने देश में नहीं हैं उस वक्त इस तरह की स्थिति आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। इसी तरह दूसरी कई तरह की वजहें हैं जिनमें ट्रैवल इंश्योरेंस आपकी परेशानी को कम कर सकता है। मसलन पासपोर्ट का खो जाना, आपका सामान खो जाना या उसे पहुंचने में देरी होना। ऐसा होने पर आपकी छुट्टियां आनंद के बजाय परेशानियों में तब्दील हो जाती हैं और कई बार तो आपको बड़ी मुश्किल में डाल देती हैं। लेकिन अगर आप एक व्यापक ट्रैवल बीमा प्लान लेकर विदेश जाते हैं तो इन सभी दिक्कतों से दूर रहकर अपनी छुट्टियों का मजा ले सकते हैं।

इसके लिए प्लान लेते वक्त सबसे पहले तो आपको अपनी कवरेज राशि का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा प्लान लेते वक्त अपनी यात्रा की कुल अवधि, कितने शहरों या देशों की आप यात्रा कर रहे हैं और आपका दौरा किस श्रेणी का है-छुट्टियों पर जा रहे हैं या बिजनेस टुअर पर। अगर आप ऐसे देश की यात्रा पर जा रहे हैं जहां चिकित्सा सुविधाएं काफी महंगी हैं तो आपको इसका ध्यान अपनी कवरेज राशि तय करते वक्त रखना होगा। इसलिए विभिन्न देशों की यात्राओं के आधार पर बाजार में कई तरह के प्लान उपलब्ध हैं। यात्रा की अवधि के मुताबिक आप सिंगल ट्रिप या मल्टी ट्रिप वाले इंश्योरेंस प्लान भी ले सकते हैं।

ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान का सही वक्त क्या है?

-ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान आपकी यात्रा शुरू होने की तारीख से पहले खरीद लिया जाना चाहिए। दूसरे इसकी अवधि का भी ध्यान रखें और आपके स्वदेश लौटने की तारीख तक प्लान वैध रहना चाहिए।

क्या हर बार विदेश जाते समय अलगअलग पॉलिसी लेनी होती है या एक बार निश्चित अवधि के लिए मल्टी ट्रिप पॉलिसी लेकर रखी जा सकती है?

-किसी भी एक स्थान पर जाने के लिए एक अलग पॉलिसी की जरूरत होती है। इसीलिए सलाह दी जाती है कि हमेशा सिंगल ट्रिप पॉलिसी ली जाए। यह पॉलिसी आपकी उसी यात्रा की अवधि तक वैध रहती है। यदि आपको लगता है कि एक साल के भीतर एक ही स्थान पर कई बार जाना पड़ सकता है तो ऐसे ग्राहकों के लिए कंपनियों के पास मल्टी ट्रिप पॉलिसी के विकल्प भी उपलब्ध होते हैं।

पॉलिसी लेते वक्त ऐसी किन बातों का ध्यान रखा जाए जो पॉलिसी में कवर नहीं होतीं?

-आमतौर पर ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में दुर्घटना जैसी आपात स्थिति के लिए ही बीमा कवर होता है। यदि आप पहले से ही किसी बीमारी से पीडि़त हैं और उसके चलते आपको यात्रा के दौरान विदेश में दिक्कत होती है तो वह बीमा कवर में शामिल नहीं होता। इसके अलावा खतरनाक स्पोट्र्स या अन्य किसी तरह के खतरनाक कामों में होने वाले नुकसान की भरपाई इन पॉलिसियों में कवर नहीं होती।

बीमित राशि कैसे तय करें? क्या यह प्रत्येक देश के हिसाब से अलग-अलग होनी चाहिए?

-जैसा कि मैंने पहले कहा कि ट्रैवल इंश्योरेंस में मेडिकल कवर ही सबसे अहम फीचर होता है। इसलिए जिस देश की यात्रा पर आप जा रहे हैं, वहां के मेडिकल खर्चों के बारे में पहले से ही जानकारी कर लेनी चाहिए। इससे आपको इंश्योरेंस कवर का आकार तय करने में आसानी होगी। उदाहरण के लिए अगर आप किसी एशियाई देश की यात्रा पर जा रहे हैं तो कम बीमा कवर वाले प्लान से आपका काम चल जाएगा। लेकिन अगर उत्तरी अमेरिका के किसी देश की यात्रा कर रहे हैं तो बड़ी राशि का प्लान लेना पड़ सकता है।

क्या बुजुर्गों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान अधिक प्रीमियम के साथ मिलता है?

-जी हां। जैसा कि बुजुर्गों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान सामान्य लोगों के प्लान से कुछ महंगे होते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनके मामले में जोखिम कम उम्र वाले लोगों से अधिक होता है।

ट्रैवल इंश्योरेंस में क्लेम खारिज होने की आमतौर पर क्या वजह हो सकती है?

-ऐसे ज्यादातर मामलों में मुख्य रूप से दावा खारिज होने की एक ही वजह होती है। वह है मौजूदा बीमारियों की वजह से इलाज पर हुए खर्च की वापसी की मांग। मैंने आपको पहले ही बताया कि ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान में मौजूदा बीमारियों को कवर नहीं किया जाता।

पुनीत साहनी

हेड, प्रोडक्ट डेवलपमेंट

एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस

Posted By: Babita Kashyap