मानसून में सबसे ज्यादा कार बीमा के तहत मुआवजे के आवेदन आते हैं। मानसून के दौरान अपनी कारों की देखभाल बेहतर तरीके से करें। कई बार छोटी-मोटी गलती की जाती है। इस वजह से ग्राहकों को कार बीमा का मुआवजा मिलने में दिक्कत आ जाती है। मसलन, अगर रास्ते में जमा पानी पानी टायर के ऊपर तक पहुंचने लगा है तो बेहतर होगा कि आप कार को बंद कर दें।

मदद के लिए फोन करें। जहां जरूरी हो तकनीकी विशेषज्ञ की मदद जरूर लेनी चाहिए। इस सबके बावजूद अगर वाहन में कोई समस्या आ गई है तो उसके क्लेम को आसानी से लेने के भी तरीके हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
1. कभी भी क्लेम करने में देरी मत कीजिए। कोशिश कीजिए कि नुकसान या दुर्घटना होने के 48 घंटे के भीतर क्लेम हो जाए। हो सके तो जहां दुर्घटना हुई है या पानी के जमाव आदि से गाड़ी बंद हुई है तो उसका फोटो भी करवा लीजिए।
2. अगर गाड़ी को हटाना मुश्किल हो तो उसे वहीं पर छोड़ दीजिए और इसकी सूचना भी बीमा कंपनी को दीजिए।
3. बीमा कंपनी से अनुमति लेने के बाद ही कार को किसी गैराज या रिर्पेंरग सेंटर भेजें।
4. बीमा का क्लेम भेजने के बाद सर्वेयर की तरफ से सर्वे किया जाएगा। सर्वेयर की ओर से अनुमान जारी होने के बाद ही उसकी मरम्मत का काम शुरू होगा।
5. सर्वे करवाए बगैर मरम्मत नहीं करवाना चाहिए।
ग्राहकों को एक बात का और ख्याल रखना चाहिए कि अगर गाड़ी की मरम्मत बीमा कंपनी के नेटवर्क वाले गैरेज या रिपेरिंग स्थल पर करवाएंगे तो क्लेम लेने में ज्यादा आसानी होती है।
विजय कुमार
चीफ टेक्निकल ऑफिसर
मोटर इंश्योरेंस
बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस

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