आपकी कंपनी ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस कारोबार की अग्रणी कंपनी है, कैसा अनुभव रहा है?
-देखिए जीवन बीमा कारोबार का पूरा परिदृश्य बदल रहा है। ऑनलाइन कारोबार या इंटरनेट के जरिये बीमा करवाने की परंपरा तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ा बदलाव इससे यह आया है कि अब बीमा करवाने के लिए एजेंट से संपर्क करने की बाध्यता खत्म हो गई है। हमारी कंपनी का जहां तक सवाल है तो हम ऑनलाइन कारोबार के लिए तीन चीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। सबसे पहले तो हम इनोवेशन पर ध्यान दे रहे हैं। यानी नए तरह के उत्पाद व बदलते वक्त के मुताबिक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी तैयार कर रहे हैं। अभी हाल ही में इसके तहत तीन नई पॉलिसियां लांच की हैं। दूसरा है विश्ववस्तरीय सेवा देना। ग्राहकों को पॉलिसी बेचने से पहले भी और पॉलिसी बेचने के बाद भी। ग्राहकों को एक पॉलिसी खरीदने में एक बेहतर अनुभव देने की हम पूरी कोशिश करते हैं। कंपनी को लागत में जो बचत होती है, उसमें ग्राहकों से साझा भी करते हैं। तीसरा है हर प्रक्रिया को पारदर्शी रखना। हम तीन चीजों को केंद्र में रख कर अपनी ऑनलाइन बीमा कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसे ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं।

ग्राहक कैसे पसंद कर रहे हैं?
-इसका उदाहरण यह है कि हम ऑनलाइन कारोबार को प्रचारित करने के लिए किसी मीडिया माध्यम का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। फिर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, क्योंकि ग्राहक ही एक दूसरे को बता रहे हैं कि पॉलिसियां काफी अच्छी हैं। मैं आपको बता दूं कि लगभग 94 फीसद ग्राहक लगातार अपनी पॉलिसियों का नवीकरण करवा रहे हैं। यानी वह हमारी सेवा से संतुष्ट हैं। यह और बात है कि हम संतुष्ट नहीं हैं। हम लगातार अपनी सेवा की गुणवत्ता को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑनलाइन कारोबार के लिए हमारी काफी प्लानिंग है। हम मानते हैं कि देश में जैसे जैसे इंटरनेट का प्रयोग तेज होगा, लोगों में इंटरनेट के जरिये ही बीमा करवाने का प्रचलन बढ़ेगा। यह तभी सफल होगा, जब बीमा कंपनियों के स्तर पर पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो और ग्राहकों के साथ किसी तरह का धोखा नहीं किया जाए।

हाल ही में आपने तीन नई पॉलिसियां लांच की हैं, उनकी क्या खासियत है?
-एक पखवाड़े पहले ही हमने तीन नई पॉलिसियां आइस्पाउज, आइकैंसर व आइ-इनकम लांच की है। यह तीनों अपने आप में अनूठी हैं। मसलन, आइस्पाउज पॉलिसी पति व पत्नी को एक साथ बीमा कवरेज देती है। दोनों में से किसी की भी दुर्भाग्य से मौत होने पर दूसरे को बीमा की राशि व पांच वर्ष तक उसके आय के बराबर राशि देने का प्रावधान है। पति व पत्नी को अलग-अलग बीमा लेने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, अलग-अलग प्रीमियम देने की भी आवश्यकता नहीं है। इसी तरह से आइ-इनकम एक ऐसी पॉलिसी है, जो बीमा ग्राहक को किसी कारण से आय प्रभावित होने पर उसे पांच वर्षों तक मासिक वेतन देने का प्रावधान है। आइकैंसर एक ऐसी पॉलिसी है, जिसमें बीमाधारक को कैंसर होने पर हर स्टेज पर आर्थिक मदद देने का प्रावधान है। यहां ग्राहक अगर एक लाख रुपये का बीमा करवाता है तो उसे कुछ परिस्थितियों में 1.50 लाख रुपये तक की मदद देने का प्रावधान है। हमने स्मोकिंग करने वालों के लिए भी पॉलिसी देने का प्रावधान कर दिया है। हम नहीं मानते कि कैंसर का स्मोकिंग करने से कोई सीधा संबंध है। साथ ही, कई कंपनियां गृहणियों को कैंसर संबंधी पॉलिसी देने से आनाकानी करती हैं, हम ऐसा नहीं करते। इन तीनों पॉलिसियों की एक खासियत यह है कि यहां बीमा कवरेज देने की प्रक्रिया को एकदम आसान कर दिया है।

आगे विस्तार की क्या योजना है?
-हम ऑनलाइन कारोबार के साथ ही ब्रांच के जरिये भी तेजी से विस्तार करना चाहते हैं। लेकिन हम अभी पूरे देश में एक साथ ब्रांच नहीं खोलना चाहते हैं। हम देश के कुछ हिस्सों का चयन करना चाहते हैं, जहां हम ज्यादा फोकस करेंगे। जिन भौगोलिक क्षेत्रों मे हम पहले से मजबूत हैं, वहां तेजी से विस्तार करेंगे। अन्य जगहों पर हम ऑनलाइन तरीके से विस्तार करेंगे।

हां, एक बात है कि हम ग्राहकों की सेवा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। इसकी शुरुआत हो चुकी है। कई तरह की सेवाएं मसलन, टैक्स सर्टिफिकेट लेना, बोनस लेना, एनएवी का पता करने जैसी तमाम सेवाएं आप सिर्फ एसएमएस से हासिल कर सकते हैं।
अमित कुमार राय
चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर
एगॉन रेलिगियर लाइफ इंश्योरेंस

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