नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इंश्योरेंस (बीमा) का मतलब एक ऐसी व्यवस्था से होता है जिसमें कोई बीमा कंपनी आपके किसी भी नुक्सान, बीमारी, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में आपको आर्थिक सुरक्षा देती है। आमतौर पर हम मानते हैं कि बीमा सिर्फ हमारे जीवन का और हमारी कार का ही होता है। लेकिन यह बात पूरी तरह सच नहीं है। आजकल इंश्योरेंस कंपनियां घर से लेकर ट्रेवलिंग तक के लिए इंश्योरेंस की सुविधाएं उपलब्ध करवाती हैं। हम अपनी खबर में आपको कुछ ऐसे इंश्योरेंस (बीमा) के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिनके बारे में लोगों को कम जानकारी होती है।

होम इंश्योरेंस: आमतौर पर लोग घर को खरीदने में तो लाखों रुपए खर्च कर देते हैं लेकिन वो इसका इंश्योरेंस नहीं कराते हैं। ऐसा इसलिए भी हो सकता है कि लोगों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं होती है। कुछ इंश्योरेंस कंपनियां इसकी सुविधा देती हैं। होम इंश्योरेंस आम तौर पर भूकंप, आसमानी बिजली, तूफान, बाढ़ इत्यादि प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रॉपर्टी और उसमें रखे सामान को होने वाले नुकसान का कवरेज देता है। बहुमूल्य वस्तुएं की चोरी होने पर भी इंश्योरेंस में उसे कवर किया जाता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट: फाइनेंशियल प्लानर जितेंद्र सोलंकी ने बताया कि आज के समय में होम इंश्योरेंस पॉलिसी लेना घर के मालिकों के लिए काफी जरूरी होता है। आमतौर पर इस तरह की बीमा पॉलिसियों में दो श्रेणियों को कवर किया जाता है। पहला बिल्डिंग स्ट्रक्चर और दूसरा घर का कीमती सामान। यानी अगर किसी प्राकृतिक आपदा में आपके घर के स्ट्रक्चर को कोई नुकसान होता है तो उसमें आने वाले खर्चे (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) की अधिकांश भरपाई इंश्योरेंस कंपनी की ओर से की जाती है। वहीं अगर आपने अपने घर के कीमती सामान मसलन होम अप्लाइंस, पोर्टेबल इक्विपमेंट (सेलफोन, लेपटॉप और टीवी) को भी कवर करवा रखा है तो आगजनी, चोरी और सेंधमारी के बाद आपको ज्यादा वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ता है। होम इंश्योरेंस पॉलिसी में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, चोरी और सेंधमारी से सुरक्षा मिलती है। जितेंद्र सोलंकी ने बताया कि कुछ बीमा कंपनिया किराए के घर में भी आपके बहुमूल्य सामान को कवर करती है। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि पैकेज पॉलिसी लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है क्योंकि इसमें बिल्डिंग के साथ-साथ घर के सामान और अन्य अहम चीजों को कवर करने की सुविधा दी जाती है।

मोबाइल इंश्योरेंस: यह बात आपको सुनने में थोड़ा अजीब लग सकती है। लेकिन मोबाइल का भी इंश्योरेंस होता है। किसी भी अन्य बीमा उत्पाद की ही तरह मोबाइल फोन बीमा जोखिम कवर प्रदान करता है। इस तरह के मामलों में इंश्योरेंस आपको फोन खोने, चोरी और नुकसान जैसी स्थितियों के लिए जोखिम कवर प्रदान करता है। इस तरह के बीमा को गैजेट खरीदने या बिलिंग के दिन से अधिकतम पांच दिन की अवधि के भीतर खरीदा जा सकता है। इंश्योरेंस (बीमा) का प्रीमियम गैजेट के मूल्य पर निर्भर करता है। यह कवर पीरियड सामान्य तौर पर एक साल के लिए होता है, लेकिन बाजार में कुछ ऐसे बीमाकर्ता भी हैं जो दो साल के लिए भी कवर प्रदान करते हैं।

इन स्थितियों में मिलता है बीमा का फायदा:

  • एक्ट ऑफ गॉड
  • हड़ताल या दंगा के दौरान नुकसान या चोरी
  • चोरी और हाउसब्रेकिंग के मामले में
  • आग, बिजली और विस्फोट से होने वाले नुकसान में
  • व्यक्तिगत लापरवाही के परिणामस्वरूप होने वाले नुकसान जैसे कि खोना, भूल जाना/भूल गए/कहीं छोड़ देना, गायब हो जाना या फिर कहीं गिर जाना
  • चोरी की कोशिश से होने वाली हानि
  • भारतीय क्षेत्र के बाहर हुआ कोई भी नुकसान
  • जानबूझकर उपेक्षा के कारण नुकसान
  • गलत इंस्टालेशन और गलत सेट-अप के कारण होने वाले नुकसान पर
  • साइबर हमले, आतंकवादी गतिविधियों और घृणित गतिविधियों के दौरान हुए नुकसान पर

कौन-कौन सी कंपनियां देती हैं बीमा: काफी सारी बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी सेवा प्रदाताओं के माध्यम से मोबाइल/गैजेट बीमा प्रदान करती हैं। बजाज आलियांस, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी इस सेवा की पेशकश करने वाले कुछ प्रमुख नाम हैं। वहीं थर्ड पार्टी के अलावा सिस्को गैजेट्स, बिस्कोट, गैजेटकॉप्स, इन्फ़ी शील्ड, वारंटी बाजार, एप्स डेली और ऑनसाइट पर भी संपर्क किया जा सकता है।

ट्रैवल इंश्योरेंस: ट्रैवल इंश्योरेंस एक विशेष प्रकार का इंश्योरेंस होता है, जो कि यात्रा के दौरान (देश के भीतर या बाहर), मेडिकल खर्चों, ट्रिप कैंसिल होने, सामान खोने, फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने या अन्य नुकसान की सूरत में आपको सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसे में यात्रा के दौरान आने वाली तमाम परेशानियों से बचने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस एक बेहतर विकल्प है। यह न सिर्फ आपको सफर में आने वाली तमाम मुसीबतों से बचाता है, बल्कि यह रास्ते में होने वाली समस्या से हुए नुकसान की भरपाई भी करता है।

आपको ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत है?

अगर आप यूरोपीय देशों या अन्य किसी खास देश में छुट्टियां बिताने जा रहे हैं, तो आपके लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी है। शॉर्ट डोमेस्टिक ट्रिप में इस तरह के कवर की जरूरत नहीं होती है, लेकिन अगर आप लंबे टूर पर जा रहे हैं, तो चोरी और ट्रिप कैंसलेशन का कवर ले सकते हैं।

अगर आपके मौजूदा मेडिकल इंश्योरेंस में विदेश में भी इलाज का कवर है, होम इंश्योरेंस में ट्रैवलिंग के दौरान आपके सामान का बीमा है और आपके पास पर्सनल एक्सिडेंटल कवर है, तो आपको ट्रैवल इंश्योरेंस लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपके पास ये सभी इंश्योरेंस नहीं हैं, तो ट्रैवल इंश्योरेंस लें।

कितना कवर लेना चाहिए?

जानकारों की मानें तो यह आपकी ट्रैवल कॉस्ट का 4-8 फीसद होना चाहिए। इंश्योरेंस कंपनियां आमतौर पर कई कैटेगरी के तहत फिक्स्ड ऑप्शन देती हैं। इसकी रेंज 15,000-5,0000 डॉलर तक होती है, जो यात्रा की अवधि, बेनेफिट्स और ट्रैवल से जुड़े एरिया पर निर्भर करती है।

कब करना चाहिए आवेदन: ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन मौजूदा ट्रैवल पॉलिसी की कवरेज समाप्त होने से पहले किया जाना चाहिए। मौजूदा पॉलिसी की अवधि समाप्त होने से 7-10 दिन पहले एक्सटेंशन करवाना बेहतर रहता है। इतना ही नहीं पॉलिसीहोल्डर इसे यात्रा के दौरान भी एक्सटेंड करा सकता है। इसके लिए उसे केवल इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होगी, बस।

क्या हैं फायदे:

  • फ्लाइट डिले होने या कैंसिल होने से अगर आपकी यात्रा में देरी होती है तो ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार साबित होता है। इस देरी के कारण इस दौरान होने वाले खर्च जैसे की खाना-पीना या होटल में रुकने का खर्चा भी कवर होता है।
  • यात्रा के दौरान अगर आपका सामान खो जाता है या चोरी हो जाता है, तब भी इंश्योरेंस इसे कवर करने में मददगार होगा है। बैग खोना भी इसमें शामिल होता है।
  • यात्रा के दौरान अगर किसी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में भी ट्रैवल इंश्योरेंस के पालिसी में तय कवरेज के हिसाब से आपके परिजनों को मदद मिलेगी।
  • यात्रा के दौरान कोई सदस्य अगर बीमार हो जाता है, या किसी का एक्सीडेंट हो जाता है तब हास्पिटल का सारा खर्चा ट्रैवल इंश्योरेंस के कवर में आता है।

ट्रैवल इंश्योरेंस के प्रकार:

डोमेस्टिक ट्रेवल इंश्योरेंस: डोमेस्टिक ट्रेवल इंश्योरेंस अपने कस्टमर को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की इमरजेंसी जैसे दुर्घटना, सामान खो जाना या फिर मृत्यु हो जाने पर आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा बीमा: यह बीमा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधा प्रदान करता है जैसे विदेश यात्रा के समय आपका पासपोर्ट या अन्य डॉक्यूमेंट खो जाए, आपका प्लेन हाइजेक हो जाए, या ट्रेवल के समय किसी अन्य तरह की परेशानी पेश आए या फिर यात्रा के समय दुर्घटना होने पर विदेश में चिकित्सा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

कॉर्पोरेट ट्रेवल इंश्योरेंस: इसके अंतर्गत उन कर्मचारियों को कवरेज मिलता है जो कर्मचारी घरेलू यात्रा या फिर विदेश यात्रा पर जाते है।

छात्र यात्रा बीमा: इस बीमा के अंतर्गत उन छात्रों को लाभ मिलता है जो उच्च शिक्षा पाने के लिए विदेश जाते है ये पालिसी उन छात्रों को कवरेज देती है जो विदेश में प्रॉफेशनल कोर्स करते है। इसके साथ ही यह छात्रों को मेडिकल कवरेज,पासपोर्ट खो जाने पर भी मदद करता है।

वरिष्ठ नागरिक यात्रा बीमा: वरिष्ठ नागरिक यात्रा बीमा के अंतर्गत 61 साल से लेकर 70 साल तक के लोग आते है जो इस यात्रा बीमा का लाभ प्राप्त करते है। इस यात्रा बीमा का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ लोगों की यात्रा को खुशनुमा बनाना होता है, जिसमे मेडिकल ट्रीटमेंट और कैशलेस हॉस्पिटल की सुविधा होती है।

परिवार यात्रा बीमा: परिवार यात्रा बीमा में पूरे परिवार का बीमा होता है इसमें यात्रा के समय किसी भी तरह की इमरजेंसी पड़ने पर सुविधा मिलती है पूरे परिवार को यात्रा के समय किसी भी परेशानी में आर्थिक मदद मिलती है।

By Praveen Dwivedi