नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप बीमा पॉलिसी खरीदना चाहते हैं, तो फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतें। कई बार ऐसा होता है कि फॉर्म भरते वक्त जल्दबाजी में हम गलत जानकारी भर देते हैं जिससे फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।

हालांकि, गलती होने पर ये मायने नहीं रखता कि आपने गलत जानकारी जानबूझकर भरी है या आपसे अनजाने में ऐसा हो गया है। इसलिए कंपनियां गलत जानकारी या अधूरी जानकारी का हवाला देकर दावा खारिज कर देती हैं। इस खबर में हम चार ऐसे कारण बता रहे हैं जिससे आपका बीमा दावा खारिज हो जाता है...

मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और पारिवारिक जानकारी छुपाने पर: जब भी आप फॉर्म में पूछी गई जानकारी को भरें तो अपनी जीवनशैली, मेडिकल हिस्ट्री और पारिवारिक इतिहास के बारे में पूरी जानकारी दें। एक्सपर्ट के मुताबिक, अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित जानकारी, विशेष रूप से धूम्रपान और शराब से संबंधित जो भी प्रश्न पूछे गए हैं उन्हें सही-सही बताएं। यदि आप कभी-कभार सिगरेट पीते हैं तो भी फॉर्म में आपको स्मोकर की जानकारी देनी चाहिए। इसे आप छुपा नहीं सकते। प्रीमियम का भुगतान कम हो इसके लिए जानकारी छुपाने से आपका फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।

अगर पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं: एक्सपर्ट के अनुसार, बीमा कवर के लिए मौजूदा स्थिति से पूरी तरह अवगत कराएं। ऐसा नहीं करने पर आपका दावा रिजेक्ट हो सकता है। यदि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो उसके बारे में नहीं बताने से आपका बीमा रिजेक्शन लिस्ट में जा सकता है।

दावा फाइलिंग में देरी: एक्सपर्ट के मुताबिक, दरअसल, दावा दर्ज करने में पहले से तय तारीख से अधिक समय लेने पर अनावश्यक संदेह बढ़ सकता है। ऐसे में बीमाकर्ता को जांच के लिए लंबे समय तक बुलाया जा सकता है। इस स्थिति में दावा खारिज होने की संभावना और बढ़ जाती है।

पॉलिसी लैप्स: आपका दावा खारिज न हो इसके लिए पॉलिसी के तहत प्रीमियम का भुगतान समय-समय पर करते रहें। यदि प्रीमियम भुगतान के कारण आपकी पॉलिसी समाप्त हो गई है तो, आपका बीमाकर्ता आपके दावे को अस्वीकार कर सकता है। यदि पॉलिसी समाप्त होने के एक दिन बाद भी दावा किया जाता है, तो बीमा कंपनी दावे को खारिज कर सकती है।

Posted By: Surbhi Jain