EV Insurance: पेट्रोल कार से कितना महंगा और अलग है इलेक्ट्रिक गाड़ी का बीमा? 5 प्वाइंट में समझें सबकुछ
Car Insurance Details: यह लेख पेट्रोल/डीजल कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बीमा के बीच के अंतर को समझाता है। ...और पढ़ें

EV Insurance: पेट्रोल कार से कितना महंगा और अलग है इलेक्ट्रिक गाड़ी का बीमा? 5 प्वाइंट में समझें सबकुछ

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप आने वाले समय में अपनी पारंपरिक यानी कि पेट्रोल-डीजल कार (Petrol Diesal Car) को छोड़कर ईवी कार (EV Car) लेने के बारे में सोच रहे हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है। पेट्रोल-डीजल कार और ईवी में सबसे बड़ा अंतर फ्यूल (Fuel Charges) का होता है। लेकिन कई लोग नहीं जानते हैं कि इन दोनों कैटेगरी में एक और बड़ा अंतर है, और वो है दोनों तरह की कारों के इंश्योरेंस में (Car Insurance)। आइए आज समझते हैं कि ईवी का बीमा और परंपरिक कारों के बीमा में क्या अंतर है।
दोनों तरह की कारों के लिए बीमा में अंतर
दोनों तरह की कारों के लिए बात करें, तो इनके लिए बीमा का बुनियादी ढांचा लगभग एक जैसा ही है। पेट्रोल-डीजल कार की तरह ईवी खरीदने पर इंश्योरेंस लेना कानूनी रूप से जरूरी रहता है। ईवी के लिए लिया गया बीमा भी दूसरों को होने वाली चोट, मौत या संपत्ति के नुकसान के लिए कवर देता है। ऐसे में अब सवाल आता है कि जब काफी चीजें एक जैसी हैं, तो पेट्रोल-डीजल कार और ईवी के लिए बीमा एक जैसा है तो फिर अंतर कहां है? चलिए आपको ये नीचे दी गई टेबल के जरिए समझाते हैं-
| विशेषता | पेट्रोल/डीज़ल कार बीमा | इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बीमा |
| मुख्य महंगे पार्ट्स | इंजन, गियरबॉक्स और ट्रांसमिशन। | हाई-वोल्टेज बैटरी पैक, इलेक्ट्रिक मोटर और विशेष इलेक्ट्रॉनिक्स। |
| रिपेयर का खर्च | पारंपरिक रिपेयरिंग और स्टैंडर्ड मैकेनिक। | हाई-वोल्टेज सिस्टम और बैटरी के कारण विशेष तकनीक व ट्रेनिंग की जरूरत। |
| बैटरी कवर | लागू नहीं होता (इंजन होता है)। | बैटरी का एक्सीडेंटल डैमेज कवर होता है, लेकिन सामान्य रूप से बैटरी का पुराना होना (Degradation) इसमें शामिल नहीं है। |
| चार्जिंग उपकरण | फ्यूल टैंक / नॉर्मल पार्ट्स। | चार्जिंग केबल और होम/पोर्टेबल चार्जर अलग से महंगे आते हैं, जिन्हें अलग से कवर कराना पड़ सकता है। |
| प्रीमियम तय होने का आधार | कार की कीमत (IDV), मॉडल और क्लेम हिस्ट्री। | कार की कुल कीमत (IDV), बैटरी की लागत और विशेष रिपेयर नेटवर्क की उपलब्धता। |
पॉलिसी लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
बैटरी की कवरेज को बारीकी से समझें:
Comprehensive Insurance होने का ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि बैटरी से जुड़ी हर समस्या कवर हो जाएगी। अगर एक्सीडेंट में बैटरी खराब होती है, तो क्लेम मिल सकता है। लेकिन समय के साथ बैटरी की क्षमता (Range) का कम होना सामान्य घिसाव (Normal Wear & Tear) माना जाता है, जो वारंटी के दायरे में आ सकता है, बीमा में नहीं। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले बैटरी से जुड़े सारे नियम जरूर पढ़ लें।
चार्जिंग केबल और इक्विपमेंट का कवर:
पेट्रोल-डीज़ल कारों में चार्जिंग केबल जैसी कोई चीज नहीं होती, लेकिन ईवी के साथ महंगे चार्जिंग इक्विपमेंट आते हैं। ये जांच लें कि आपके स्टैंडर्ड बीमा में ये केबल और बारी गियर (Gears) शामिल हैं या नहीं। अगर इसके लिए कोई अलग से 'ऐड-ऑन' (Add-on) लेना पड़े, तो उसकी कीमत जांच कर ही फैसला लें।
कार की कुल कीमत (IDV) और प्रीमियम:
अगर इलेक्ट्रिक कार का मॉडल, उसकी बैटरी और कुल कीमत किसी सामान्य पेट्रोल कार से काफी ज्यादा है, तो उसका प्रीमियम भी थोड़ा अधिक हो सकता है। इसलिए केवल सबसे सस्ता बीमा देखकर फैसला न लें, बल्कि ये देखें कि उस कम कीमत में आपको क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं और क्या छूट रहा है।
