नई दिल्‍ली, प्रकर्श गगदानी। शेयर बाजार में कारोबार करने वाले लोग मालामाल भी हो सकते हैं अगर वे निवेश के सही नियमों का पालन करें। स्‍टॉक मार्केट में कारोबार की शुरुआत कर रहे लोगों का ख्‍वाब भी यही होता है। पर स्‍टॉक ट्रेडिंग विशुद्ध रूप से तकनीकी चार्ट, आमदनी संबंधी घोषणा, कॉर्पोरेट कार्रवाई या नीतिगत घोषणाओं के प्रभाव पर आधारित हो सकती है। हाल ही में रियल एस्टेट के लिए घोषित 25,000 करोड़ रुपए का पैकेज डीएलएफ के लिए एक बड़ा बढ़ावा था। शेयर बाजार के कारोबारियों को अवसरों को इंट्राडे या कुछ दिनों या महीनों में देखना चाहिए। इसी से संबंधित सवाल यह है कि अल्पावधि में निवेश करने के लिए सबसे अच्छा स्टॉक कैसे खोजें? बाजार में सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीतियों की पहचान कैसे करें? आइए, हम आपको बताते हैं कि शेयर बाजार में शुरुआत करने वाले लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

यदि आप शेयर बाजार में शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आपको यह सब जरूर पता होना चाहिए:

ट्रेडिंग केवल बाजार में बाजी लगाना नहीं है। यह बहुत अधिक संगठित और बहुत समझदारी भरा काम है। यहां तक ​​कि ट्रेडिंग से संबंधित छोटी अवधि का भी एक तरीका है, जिसका आपको पालन करना चाहिए। उदाहरण के लिए, आपको यह समझने की आवश्यकता है कि घटनाओं का शेयर्स पर क्या प्रभाव पड़ेगा और आपको यह भी पता होना चाहिए कि तकनीकी चार्ट को कैसे पढ़ें और व्याख्या करें। खुद ही चीजों को समझनें का प्रयास करें, आप विभिन्न स्रोतों से आने कॉल और सुझावों पर निर्भर रहते हुए एक सफल शेयर कारोबारी नहीं हो सकते।

उस राशि के साथ ट्रेडिंग करें, जिसे आप खोने के लिए तैयार हैं। ट्रेडिंग अंधेरे में हाथ-पैर मारने जैसा काम नहीं है। इसके बजाय, आपको इस बारे में स्पष्ट होना चाहिए कि आप कितना खोने के लिए तैयार हैं। जब आप ट्रेडिंग के लिए पूंजी आवंटित करते हैं, तो इस पूंजी की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। ट्रेडिंग में एक दिन में और कुल मिलाकर कितनी पूंजी का नुकसान आप सहन कर सकते हैं, इसका एक डॉक्यूमेंट बनाएं। एक बार जब ये सीमाएं समाप्त हो जाएं, तो रुक जाएं और चुपचाप बैठकर फिर से मूल्यांकन करें।

याद रखिए कि पार्ट टाइम ट्रेडर जैसा कुछ नहीं है। आपको एक सफल शेयर कारोबारी बनने के लिए पूरा समय देना होगा और भरपूर प्रयास करने होंगे। बाजार में शेयरों की निगरानी, पोजीशन पर निगाह रखने और जोखिम की समीक्षा करने के लिए यह आवश्यक है। ट्रेडिंग में अपना समय लगाने के लिए तैयार रहें।

शुरुआती शेयर कारोबारी के रूप में, अपने स्टॉक यूनिवर्स रखें और ओपन पोजीशंस की संख्या को ध्यान में रखें। एक सत्र के दौरान अधिकतम एक या दो शेयरों पर ध्यान दें। केवल कुछ शेयरों के साथ ट्रैकिंग और अवसरों को खोजना आसान है। बहुत अधिक जोखिम न लें या एक बार में अपनी सारी पूंजी दांव पर न लगाएं। अपनी पूंजी और मुनाफे को अलग रखें। आप अपनी मूल पूंजी की तुलना में अपने मुनाफे पर अधिक जोखिम ले सकते हैं।

सस्ता हर हाल में बकवास है। पेनी स्टॉक और नीचे जाने वाले स्टॉक का लालच न करें। विशेष रूप से उन शेयरों से सावधान रहें, जिन्होंने अपने शिखर स्तर से 80-90 प्रतिशत तक सुधार किया है। वे आपको फंसाने का जाल हो सकते हैं।

एक दीर्घकालिक निवेशक के लिए अवसर से ज्यादा मायने रखता है वक्त। लेकिन यदि आप एक शॉर्ट टर्म व्यू वाले व्यापारी हैं, तो टाइमिंग से आपके प्रदर्शन पर फर्क पड़ सकता है। जब आप किसी स्टॉक पर एक महीने में 10 प्रतिशत रिटर्न के लिए कारोबार कर रहे हैं, तो 3-4 प्रतिशत का अंतर आपके अंतिम रिटर्न पर पर्याप्त प्रभाव डाल सकता है। जहां तक संभव हो, टिपिंग पॉइंट्स के करीब समय-समय पर ट्रेड्स के लिए सपोर्ट और रेसिस्टेंस के साथ-साथ मोमेंटम इंडीकेटर्स का उपयोग करें। 

जैसे शेयर व्यापारियों के लिए एक एंट्री रूल है, उनके पास एक्जिट के नियम भी होने चाहिए। स्टॉप लॉस एक दृष्टिकोण है, लेकिन फिर भी आपको कुछ छोटी-मोटी ऐसी स्थितियों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें देखकर आप एक्जिट का फैसला कर सकें। उदाहरण के लिए, यह जीडीपी वृद्धि में तेज गिरावट, या तिमाही मार्जिन में तेज गिरावट, या मुद्रास्फीति में वृद्धि या रुपये में तेज गिरावट भी हो सकती है। एक बार जब आप ट्रिगर्स देखते हैं, तो बस, तेजी से बाहर निकल जाएं। 

जब आप ट्रेडिंग में शुरुआत करते हैं, तो यह भी महत्वपूर्ण है कि आप ऑर्डर कैसे देते हैं। उतार-चढ़ाव वाले बाजार में आपको एक सीमा क्रम तय करना ही चाहिए। लेकिन अगर आप गिरते बाजार में खरीदारी कर रहे हैं या यदि आप बढ़ते बाजार में बेच रहे हैं, तो मार्केट ऑर्डर्स बेहतर काम करते हैं। जब स्टॉक लिक्विडिटी बेहद कम होती है, तो बाजार ऑर्डर लिमिट ऑर्डर से अधिक पसंद किए जाते हैं।

यदि आपने एक महीने में एक शेयर पर 30 फीसदी की कमाई की तो याद रखें यह एक अपवाद है, हमेशा ऐसा हो यह कोई जरूरी नहीं। अगर कोई चीज जरूरत से ज्यादा आकर्षक है, तो शायद यह सच नहीं है। आपको मुनाफे के बारे में यथार्थवादी होना चाहिए। हर बार आप मुनाफा कमाएं या हर समय कामयाब रहें, यह कोई जरूरी नहीं हैं, बल्कि महत्वपूर्ण बात यह है कि आप मुनाफा कमाने वाले शेयर्स को लंबे समय तक पकड़कर रखें और नुकसान देने वालों से जल्दी छुटकारा पा लें।

ट्रेडिंग के लिए जल्दी प्लान बनाने का अनुशासन विकसित करें। इस तरह की ट्रेडिंग योजना बनाने से सवालों के उत्तर आसानी से मिल जाएंगे और यह सुनिश्चित होगा कि आप बाजार के उच्चतम स्तरों पर भय या लालच से प्रभावित नहीं होने पाएं। मुनाफे का पीछा करने के बजाय अपने फॉर्मूले का गहराई से पालन करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ट्रेडिंग के बारे में जानकारी हासिल करना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। यदि आपको उपरोक्त 10 मूल बातें सही लगती हैं, तो आप शेयर बाजार में अपनी यात्रा को वास्तव में सफल बना सकते हैं। 

(लेखक 5Paisa.com के सीईओ हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

Posted By: Manish Mishra

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