नई दिल्‍ली, आशीष जैन। कोविड-महामारी पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। विदेश में पढाई कर रहे छात्रों के पास यात्रा प्रतिबंधों और देश-व्यापी लॉकडाउन के कारण घर लौटने का विकल्प नहीं है। विश्वविद्यालयों और अंशकालिक नौकरियों के बावजूद विदेशों में छात्र पैसे के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि लॉकडाउन के दौरान उनके पास खुद की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में धनराशि हो, ताकि वे किसी आकस्मिक चिकित्सा आपातकाल या अन्य जरूरतों का प्रबंधन कर सके। इसलिए, धन प्रेषण विकल्पों को समझना और एक ऐसे मंच का चयन करना महत्वपूर्ण है जो आसानी से धन हस्तांतरण की अनुमति देता है। 

प्रेषण प्लेटफ़ॉर्म पर नेविगेट करने से लेकर विनिमय दरों का आकलन करने तक और अपने घर में बैठे विदेश पैसे भेजना एक जटिल काम हो सकता है। यहां कुछ सुझाव ऐसे दिए गए हैं, जो आपके काम आ सकते हैं:

सही रेमिटेंस पार्टनर चुनना: प्लेटफ़ॉर्म की तुलना करने और विभिन्न पहलुओं, जैसे विनिमय दर, लेनदेन सीमा, प्रोसेसिंग शुल्क, ग्राहक सेवा और अनुभव आदि को समझने के लिए समय दे। कुछ प्लेटफॉर्म लाभार्थी पर अतिरिक्त शुल्क लगाते हैं और कई अन्य छिपी हुई लागतें भी हो सकती हैं। सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा प्लेटफॉर्म चुनते हैं जो पारदर्शिता की गारंटी देता है और आपके प्राप्तकर्ता को पूरी क्रेडिट राशि देता है।

लेन-देन सीमा को समझना: भारत से धन प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस  योजना के तहत आरबीआई द्वारा कुछ दिशानिर्देश दिए गए है। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के रहने का खर्च लिबरलाइज्ड रेमिटेंस योजना के अंतर्गत आता है और ये सीमा 250,000 अमरीकी डालर प्रति वर्ष है। एक ऑनलाइन चैनल का उपयोग करके धन भेजने के लिए अधिकतम लेनदेन सीमा प्रति लेनदेन यूएसडी 25,000 है, जो कि अधिकतम दैनिक लेनदेन सीमा भी है। 

विनिमय दर: नवीनतम विनिमय दरों के बारे में जानकारी एकत्र करना और उपलब्ध सेवाओं के शुल्कों का आकलन करना महत्वपूर्ण है। डिजीबैंक रेमिट जैसे प्लेटफ़ॉर्म 24 × 7 लॉक्ड-इन एफएक्स रेट की पेशकश करता हैं, जो आपको प्रदर्शित दर (यानी गारंटीड दर) पर लेनदेन बुक करने की अनुमति देता है। एक बार लेनदेन सफलतापूर्वक प्रोसेस्ड होने पर धन उसी दर पर डेबिट हो जाता है। 

धन स्थानांतरण में आसानी: विदेशों में धन हस्तांतरित करना अब एक विस्तारित और जटिल प्रक्रिया नहीं है। डिजीबैंक आपको बैंक जाने या बोझिल दस्तावेजी प्रक्रिया में उलझने से बचाता है। ये आपको डिजीटल, त्वरित और परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान करने के लिए एकीकृत तकनीक प्रदान करता है। वर्तमान स्थिति में यह लचीलापन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 

इमरजेंसी फंड ट्रांसफर: विदेश में किसी इमरजेंसी के दौरान फंड तक सीमित पहुंच होना किसी के लिए भी तनावपूर्ण होता है। कुछ प्रेषण प्लेटफॉर्म पर यदि आप कोई नया नाम (पेयी, जिसे पैसा भेजना है) जोड़ते है तो आपको एक कूलिंग पीरियड का इंतजार करना पडता है। ऐसे मामलों में, भुगतान के लिए 1-2 कार्य दिवस का समय लग सकता है। प्रेषण प्लेटफॉर्म का चयन करते समय, वही विकल्प चुनें जो एक ही दिन में धन स्थानान्तरण (इमरजेंसी फंड ट्रांसफर) की सुविधा देता है। 

एक ही दिन में फंड ट्रांसफर: आप विदेश में हैं और आपके पास पैसा खत्म हो जाए या कम हो जाए तो ये आपके लिए तनावपूर्ण होता है। कुछ प्रेषण प्लेटफॉर्म पर यदि आप कोई नया नाम (पेयी, जिसे पैसा भेजना है) जोड़ते है तो आपको एक कूलिंग पीरियड का इंतजार करना पडता है। ऐसे मामलों में, भुगतान के लिए 1-2 कार्य दिवस का समय लग सकता है। प्रेषण प्लेटफॉर्म का चयन करते समय, वही विकल्प चुनें जो एक ही दिन में (सेम डे) धन स्थानान्तरण (इमरजेंसी फंड ट्रांसफर) की सुविधा देता है। 

कुल मिलाकर, सही रेमिटेंस प्लेटफ़ॉर्म का चयन करना न केवल विदेश में रह रहे आपके बच्चे की जरूरतों का समर्थन करना है, बल्कि एक आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार भी करता है। एक प्लेटफॉर्म चुनने के लिए अपने विकल्पों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना हमेशा जरूरी होता है। एक ऐसा विकल्प, जो सुरक्षित, विश्वसनीय हो और आपकी आवश्यकताओं को पूरा करता हो। 

(लेखक डीबीएस बैंक इंडिया में इंवेस्टमेंट एंड एफएक्स बिजनेस, कंज्यूमर बैंकिंग ग्रुप के हेड हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

 

Posted By: Manish Mishra

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