नई दिल्‍ली, Kishor ostwal। आम बजट 1 फरवरी 2022 को पेश किया जाएगा। इसमें किन सेक्‍टरों पर बड़ा फोकस रहेगा, उसे लेकर पहले से होमवर्क करने की जरूरत है ताकि नए साल में हमारा पोर्टफोलियो भी मजबूत बन सके। बजट को लेकर हमारा मानना ​​है कि जीएसटी पर 233% और प्रत्यक्ष कर राजस्व में 39% की भारी कमी के कारण सरकार को खर्च बढ़ाने के लिए पर्याप्त आजादी मिेलेगी। भारत ने पहली बार निर्यात में तगड़ा उछाल दिखाया है, इसलिए इसे और अधिक बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर गोदामों के साथ अधिक बंदरगाहों को जोड़ा जाएगा।

इस संभावना के साथ खर्च करने के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों की पहचान की गई है:

स्वास्थ्य देखभाल (Health care)

शिक्षा (Education)

सड़क अवसंरचना (Road infrastructure)

रेल अवसंरचना (Rail infrastructure)

कार्बन उत्सर्जन (Carbon emissions)

पानी का बुनियादी ढांचा (Water infrastructure)

बंदरगाहों (Ports)

गोदामों (Warehouses)

तेल की खोज (Oil exploration)

खनन और मेक इन इंडिया के तहत रक्षा (Mining and Defence under Make in India)

काफी मंथन के बाद यह बात निकली है कि इस बजट में रेलवे, सड़क और बंदरगाह सर्वोच्च प्राथमिकता में होगा, जहां पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से शुरुआत नहीं होगी। मेट्रो अधिकतम सुविधाओं के साथ सबसे नवीनतम परिवहन साधन है। इसके आधार पर हमारा मानना ​​है कि निम्नलिखित स्टॉक चर्चा में रह सकते हैं।

इंटीग्रा इंजीनियरिंग (Integra Engg): एलईडी सिग्नलिंग

आरवीएनएल (Rvnl) : अंडर देखें टनल

आईआरबी इंफ्रा (IRB Infra) : बीओटी सड़कों का व्यापक विस्तार

लार्सन सीमेंस एंड आर्टिफेक्ट (Larsen Siemens and Artifact) : प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग

4 जनवरी की बात करें तो एलएंडटी ने कहा कि इसके निर्माण व्यवसाय को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DMRCL) से पटना मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के भूमिगत मेट्रो परियोजना स्‍टेज-1 के डिजाइन और निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ऑर्डर मिला है। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को मिला ऑर्डर 1,000-2,500 करोड़ रुपये का है। यह सिर्फ पटना मेट्रो के लिए है। इसी तरह फोकस दूसरी कंपनियों पर भी होगा, जो रोड़, रेलवे या बंदरगाह के कारोबार से जुड़ी हैं।

(लेखक CNI रिसर्च में CMD हैं। छपे विचार उनके निजी हैं।)

Edited By: Ashish Deep