₹384041800000 करोड़ का सोना! रातोंरात इंग्लैंड से अमेरिका शिफ्ट होगा 31000 किलो गोल्ड; कौन सा देश कर रहा 'खेल'?
UK US gold transfer: आर्थिक संकट से जूझ रहा साउथ अमेरिकी देश इंग्लैंड से 4 अरब डॉलर का सोना न्यूयॉर्क ...और पढ़ें

वेनेज़ुएला का 4 अरब डॉलर का सोना इंग्लैंड से अमेरिका होगा स्थानांतरित आर्थिक संकट से मिलेगी राहत
HighLights
वेनेज़ुएला 4 अरब डॉलर का सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड से हटाएगा।
सोना न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व में स्थानांतरित करने का समझौता।
आर्थिक संकट, पुनर्निर्माण और महंगाई से निपटने में सहायक।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आर्थिक संकट से जूझ रहे वेनेज़ुएला के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। वेनेज़ुएला सरकार और विपक्ष सेंट्रल बैंक के करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 38,000 से 40,000 करोड़ रुपए) के सोने के रिजर्व को बैंक ऑफ इंग्लैंड से हटाकर फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क में ट्रांसफर करने के लिए एक समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, रॉयटर्स इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है।
प्रस्तावित समझौते के तहत, कार्यवाहक सरकार संभाल रहीं डेलसी रोड्रिग्ज को इस सोने पर कानूनी नियंत्रण मिल जाएगा, लेकिन वे तुरंत इन गोल्ड होल्डिंग्स को बेच नहीं सकेंगी। इस सोने का इस्तेमाल सरकारी कर्ज के लिए गारंटी (कोलैटरल) के रूप में किया जाएगा। इस फंड का उपयोग जून में आए विनाशकारी भूकंप के बाद देश के पुनर्निर्माण और बेलगाम होती महंगाई से निपटने के लिए किए जाने की उम्मीद है।
इंग्लैंड ने रोक रखा था 31 मीट्रिक टन सोना
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने सालों से वेनेज़ुएला के लगभग 31 मीट्रिक टन (31000 किलो ग्राम) सोने को रोक रखा था। ब्रिटिश बैंक का तर्क था कि वह निकोलस मादुरो की सरकार को वैध नहीं मानता। यह मामला ब्रिटिश अदालतों में लंबे समय से कानूनी विवाद के घेरे में है। जनवरी में मादुरो के अमेरिका द्वारा पकड़े जाने के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिग्ज ने किंग चार्ल्स से भी इस सोने को रिलीज करने की गुहार लगाई थी।
मामले पर क्या बोला बैंक ऑफ इंग्लैंड?
दूसरी ओर, ब्रिटिश विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने साफ किया है कि वे इस कानूनी मामले में पक्षकार नहीं हैं, क्योंकि यूके की अदालतें और बैंक ऑफ इंग्लैंड सरकार से पूरी तरह स्वतंत्र हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि जब तक ब्रिटिश अदालत से यह स्पष्ट आदेश नहीं आ जाता कि खाते पर किसका कानूनी अधिकार है, तब तक वे कोई कदम नहीं उठा सकते।
फिलहाल न्यू यॉर्क स्थित फेडरल रिजर्व और वेनेज़ुएला के अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि यह डील पूरी होती है, तो यह वेनेज़ुएला की आर्थिक और राजनीतिक दिशा बदलने में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
