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चीनी के दाम धड़ाम, 10% तक सस्ती होकर इतनी रह गई 1 किलो की कीमत; स्टॉक रखने की समय-सीमा बढ़कर 30 दिन हुई

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:33 AM (IST)

त्योहारी सीज़न से पहले खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 10% गिरकर लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।

खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 10% तक गिरीं।

खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 10% तक गिरीं।

HighLights

  1. खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 10% तक गिरीं।

  2. एक किलो चीनी अब लगभग 58.50 रुपये में उपलब्ध।

  3. बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा 30 दिन हुई।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Sugar Price Update: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम जनता को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, चीनी की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिटेल मार्केट में चीनी के दाम हालिया उच्च स्तर से करीब 10 फीसदी गिर गए हैं। कीमतों में गिरावट के बीच बीच केंद्र सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। लेकिन अतिरिक्त 15 दिनों के स्टॉक के लिए सरकार ने एक अहम शर्त भी रखी है।

अब कितनी हुई एक किलो चीनी की कीमत

सरकार के मुताबिक अगस्त में चीनी की खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति (Sugar Retail Price) किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है और कीमत लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। यानी कुछ ही हफ्तों में उपभोक्ताओं को प्रति किलो करीब 6.50 रुपये की राहत मिली है।

मिल कीमतों में 25% की गिरावट

सरकार का कहना है कि चीनी की मिल कीमत यानी एक्स-मिल प्राइस में करीब 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके मुकाबले खुदरा कीमतों में कमी कम रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने चीनी कारोबार से जुड़े थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से कीमतों में आई गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की अपील की है।

15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन हुई स्टॉक सीमा

त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने के नियम में बदलाव किया है। अब ऐसे थोक उपभोक्ता 30 दिनों की खपत तक चीनी का स्टॉक रख सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 15 दिन थी।

यह नियम उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू होता है जो हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल कच्चे माल के तौर पर करते हैं। इनमें मिठाई बनाने वाले कारोबारी, कन्फेक्शनरी कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक और अन्य खाद्य एवं पेय कंपनियां शामिल हैं।

अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक पर क्या है शर्त?

सरकार ने 30 दिन की सीमा जरूर बढ़ाई है, लेकिन पूरा अतिरिक्त स्टॉक घरेलू बाजार से खरीदने की अनुमति नहीं दी गई है। 15 दिन से अधिक का स्टॉक केवल आयातित चीनी से लिया जा सकेगा।

इसके लिए चीनी को Advance Authorisation Scheme (AAS) या Tariff Rate Quota (TRQ) के तहत आयात किया जाना जरूरी है। वहीं, घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के लिए स्टॉक की सीमा अब भी 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी।

सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए चीनी स्टॉक की निगरानी का भी प्रावधान किया है। उन्हें हर शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य बाजार में उपलब्धता पर नजर रखना और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।

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