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एक और "कांदा एक्सप्रेस" हुई रवाना, 18 अक्टूबर से इन शहरों में मिलेगा सस्ता प्याज! ₹13 प्रति किलो तक घटा दाम

Published: Fri, 16 Oct 2026 06:02 PM (IST)

केंद्र सरकार ने प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक और "कांदा एक्सप्रेस" अगरतला भेजी है।

18 अक्टूबर को नई कांदा एक्सप्रेस पहुंचेगी त्रिपुरा

18 अक्टूबर को नई कांदा एक्सप्रेस पहुंचेगी त्रिपुरा

HighLights

  1. कांदा एक्सप्रेस 18 अक्टूबर तक अगरतला पहुंचेगी।

  2. पूर्वोत्तर राज्यों में प्याज की आपूर्ति बढ़ेगी।

  3. प्याज की खुदरा कीमतों में ₹13 तक की गिरावट।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| प्याज की सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने "कांदा एक्सप्रेस" ट्रेन की शुरुआत की। ये ट्रेन देश के हर हिस्से को कवर करते हुए आम ग्राहकों को सस्ते में प्याज उपलब्ध कराने के लिए चलाई गई है। केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्याज का 440 टन बफर स्टॉक लेकर विशेष ट्रेन ‘कांदा एक्सप्रेस’ के 18 अक्टूबर तक त्रिपुरा की राजधानी अगरतला पहुंचने की उम्मीद है। इससे राज्य में प्याज की सप्लाई बढ़ाने और बढ़ी कीमतों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

इन इलाकों में पहुंचाई जाएगी सस्ती प्याज

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पहली बार ‘कांदा एक्सप्रेस’ अगरतला पहुंचेगी। इस खेप से त्रिपुरा के 8 में से 7 जिलों- धलाई, दक्षिण त्रिपुरा, खोवाई, उनाकोटी, पश्चिम त्रिपुरा, गोमती और सिपाहीजाला में बाजारों तक प्याज की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से पूर्वोत्तर में सरकार के प्याज वितरण नेटवर्क का विस्तार होगा।

इससे पहले ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये असम में बफर स्टॉक से प्याज भेजा गया था। बयान के मुताबिक, अब तक दो ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन के जरिये क्रमशः 840 टन और 452 टन प्याज तथा 44 ट्रकों के जरिये 1,513.46 टन प्याज पूर्वोत्तर पहुंचाया गया है। वितरण के तहत असम, त्रिपुरा और नगालैंड के कामरूप, गुवाहाटी, गोमती, दीमापुर, सिपाहीजाला, कोहिमा, नियूलैंड और चुमौकेदिमा में प्याज पहुंचाया गया है।

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केंद्र सरकार ने साल 2026 के लिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) जैसी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) योजना के तहत कीमतों को सेंस्टिव चुनिंदा शहरों में प्याज ₹35 प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है।

₹13 प्रति किलो तक सस्ता हुआ प्याज

मंत्रालय ने कहा कि खरीफ प्याज की नई आवक बढ़ने के साथ प्रमुख मंडियों में कीमतों में नरमी आई है। प्याज का देशभर में औसत मंडी भाव सितंबर के करीब ₹3,600 प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर से घटकर अक्टूबर में लगभग ₹3,300 प्रति क्विंटल रह गया है।

पिछले दो सप्ताह में 211 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में एक रुपये से लेकर ₹13 प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार देशभर में प्याज की कीमतों, मंडियों में आवक और सप्लाई की स्थिति पर लगातार करीबी नजर रख रही है। उसने कहा कि कीमतों में अनुचित उतार-चढ़ाव रोकने और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंजूर ऑपरेशनल निर्णयों के अनुसार जरूरत पड़ने पर आगे भी प्याज जारी किया जाएगा।