यहां किसानों को धान बेचने पर MSP के साथ मिलेगा ₹109 प्रति क्विंटल का बोनस, एक मुश्त भुगतान के लिए ₹43.60 करोड़ जारी
किसानों को धान की कटाई के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ ₹109 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है।

धान पर MSP के साथ बोनस भी
HighLights
झारखंड किसानों को धान पर ₹109 प्रति क्विंटल बोनस।
MSP के अतिरिक्त मिलेगा, आर्थिक मजबूती का लक्ष्य।
40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| खरीफ की मुख्य फसल धान की कटाई के बाद किसानों के लिए MSP के साथ ही बोनस देने की भी घोषणा की गई है। जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे। ये घोषणा झारखंड के किसानों के लिए की गई है। राज्य के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री इरफान अंसारी ने सोमवार को कहा कि झारखंड के किसानों को वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त धान पर बोनस भी दिया जाएगा।
₹109 प्रति क्विंटल का बोनस
झारखंड के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री इरफान अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि धान के निर्धारित MSP के साथ ₹109 प्रति क्विंटल का जोड़कर एक्स्ट्रा बोनस दिया जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में झारखंड सरकार ने ₹81 प्रति क्विंटल बोनस देने की मंजूरी दी थी। अंसारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार ने किसानों के बोनस की राशि बढ़ाकर ₹109 करने का फैसला किया है, जो कि पिछले साल की तरह इस साल भी किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। बता दें कि इस बार धान खरीद का लक्ष्य 40 लाख क्विंटल रखा गया है।
कितनी तय हुई धान की MSP?
मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए सामान्य धान का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके अलावा राज्य सरकार किसानों को प्रति क्विंटल ₹109 बोनस देगी। अंसारी ने बताया कि 40 लाख क्विंटल धान की खरीद के लक्ष्य के आधार पर ₹109 प्रति क्विंटल की दर से बोनस भुगतान के लिए ₹43.60 करोड़ का अनुमान लगाया गया है।
इस राशि की मंजूरी के लिए प्रस्ताव योजना अधिकृत समिति (SAC) के सामने रखा गया है। मंत्री ने कहा कि विभागीय आकलन के अनुसार, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के केंद्रीय पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के लिए 19.79 लाख क्विंटल धान की जरूरत है। इसी के मद्देनजर खरीद के लक्ष्य को बढ़ाकर 40 लाख क्विंटल करने का प्रस्ताव दिया गया है।
दूसरे राज्यों से धान की आवक पर रहेगी सख्ती
इरफान अंसारी ने आगे कहा कि सरकार बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से झारखंड में धान की आवक रोकने के लिए भी कदम उठाएगी। पिछले साल एकमुश्त भुगतान व्यवस्था के तहत इन राज्यों के बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने झारखंड आए थे। अंसारी ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना सरकार की प्राथमिकताएं हैं।
