भारत के इस एक फैसले से बढ़ गई नेपाल में महंगाई, 1 महीने में ₹15 प्रति किलो बढ़े चीनी के दाम
भारत के चीनी निर्यात पर रोक के बाद नेपाल में महंगाई बढ़ गई है, जहां एक महीने में चीनी के ...और पढ़ें

नेपाल में तेजी से बढ़े चीनी के दाम
HighLights
भारत ने 30 सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाई।
नेपाल में एक महीने में चीनी ₹15 प्रति किलो महंगी हुई।
नेपाल का घरेलू चीनी उत्पादन घटकर 1.2 लाख टन हुआ।
नई दिल्ली| भारत और नेपाल के बीच लगातार व्यापारिक रिश्तों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब भारत के चीनी निर्यात को रोकने के बाद नेपाल में महंगाई जोर पकड़ने लगी है। नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भले ही अपने नागरिकों को पर्याप्त चीनी का स्टॉक होने की बात कही है, लेकिन लोकल मार्केट में चीनी के बढ़ते दाम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
1 महीने में रॉकेट बने चीनी के दाम
अलनीनो के चलते कमजोर मॉनसून के अनुमान और अगले सीजन के चीनी उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव की आशंका जताते हुए भारत के विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) ने घरेलू स्टॉक को मजबूत रखने और चीनी की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए विदेशी निर्यात (Export) पर रोक लगा दी थी। ये रोक 30 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी। इस फैसले का नेपाल पर बुरा असर देखने को मिला है।
नेपाल में बीते 1 महीने में चीनी की कीमतों में तेजी से उछाल देखा गया है। नेपाली मीडिया द काठमांडू पोस्ट के अनुसार कीमतों में करीब ₹15 की बढ़ोतरी देखी जा रही है। जो चीनी पिछले महीने ₹95 प्रति किलो बिक रही थी, उसकी कीमत अब ₹110 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
नेपाल का घरेलू उत्पादन भी घटा
भारत के चीनी निर्यात में बैन का असर नेपाल पर सीधे तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो नेपाल में पहले हर साल लगभग 1.55 लाख टन चीनी का उत्पादन होता था, लेकिन चीनी मिलों द्वारा किसानों को भुगतान में देरी और अन्य समस्याओं के चलते कई किसानों ने गन्ने की खेती छोड़ दी। इसके चलते उत्पादन घटकर करीब 1.2 लाख टन रह गया है। वहीं, नेपाल में हर वर्ष दक्षिणी सीमा से 40 से 50 हजार टन चीनी की अवैध तस्करी होने का भी अनुमान लगाया जाता है।
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नेपाल मांगेगा भारत से मदद?
उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर द काठमांडू पोस्ट को बताया कहा कि स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई चर्चा से पता चला है कि घरेलू स्तर पर उत्पादित और आयातित चीनी का मौजूदा भंडार अक्टूबर तक पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि "हम फिलहाल भारत से चीनी की आपूर्ति का अनुरोध नहीं कर रहे हैं। कृत्रिम कमी पैदा करने का कोई औचित्य नहीं है और अधिकारी ने चेतावनी दी कि बाजार में हेरफेर करते पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि अगर त्योहारी सीजन के दौरान मांग में तेजी से वृद्धि होती है तो वह भारत से संपर्क कर सकता है।
