बांग्लादेश खरीद रहा 50000 टन गेहूं, कड़ी शर्तों के चलते भारतीय एक्सपोर्टर्स को नहीं मिलेगा बिक्री का मौका?
बांग्लादेश ने 50,000 टन गेहूं खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है, जिसकी कड़ी शर्तें भारतीय निर्यातकों के लिए ...और पढ़ें

बांग्लादेश ने जारी किया 50000 टन गेहूं खरीदने का टेंडर (AI Image)
HighLights
बांग्लादेश ने 50,000 टन गेहूं खरीद का ग्लोबल टेंडर जारी किया।
टेंडर की गुणवत्ता शर्तें भारतीय गेहूं के लिए कठिन साबित हो रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय गेहूं को कड़ी मूल्य प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
नई दिल्ली| भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने गेहूं खरीदने के लिए के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। बांग्लादेश के खाद्य महानिदेशालय (Directorate General of Food) के खरीद विभाग की ओर से 9 जून को मिलिंग गेहूं के आयात के लिए यह टेंडर जारी किया, बता दें कि और 24 जून को टेंडर बंद होगा। इस ग्लोबल टेंडर के जरिए बांग्लादेश 50,000 टन गेहूं की खरीद करेगा। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस ट्रेड में भारतीय एक्सपोर्टरों के दूर रहने की चर्चा क्यों तेज हो गई?
टेंडर की शर्तें भारतीय एक्सपोर्टर पर पड़ेंगी भारी?
टेंडर की शर्तों के मुताबिक 60 प्रतिशत गेहूं बांग्लादेश (Bangladesh) के चट्टोग्राम बंदरगाह और 40 प्रतिशत मोंगला बंदरगाह पर पहुंचाया जाना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती गेहूं की गुणवत्ता संबंधी शर्तें हैं । टेंडर में न्यूनतम टेस्ट वेट (HLW) 76 किलोग्राम प्रति हेक्टोलिटर और डॉकेज (अशुद्धियां) अधिकतम 1 प्रतिशत डॉकेज निर्धारित की गई हैं। ये टेंडर भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए चुनौती भरा है, क्योंकि भारतीय गेहूं का सामान्य टेस्ट वेट 72-74 किलोग्राम प्रति हेक्टोलिटर होता है वहीं डॉकेज की बात करें तो 2 प्रतिशत से अधिक रहता है।
भारतीय निर्यातकों ने जानकारी दी है कि, ग्रेडिंग और खास प्रोसेसिंग के बाद ही भारतीय गेहूं इन मानकों को पूरा कर सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो देश में मध्य प्रदेश के कुछ अच्छी क्वालिटी वाली गेहूं की किस्में इन शर्तों को पूरा करने के सबसे करीब माना जाता है।
भारत को मिल रही कड़ी टक्कर
टेंडर की शर्तों के साथ ही भारतीय एक्सपोर्टर्स को कीमत में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय गेहूं की कीमत वर्तमान में लगभग 280 डॉलर प्रति टन एफओबी (Free on Board) है। करीब 30 डॉलर प्रति टन माल ढुलाई की लागत भी आती, जिसे जोड़ने पर कीमत 310 से 315 डॉलर प्रति टन तक पहुंच जाती है। वहीं काला सागर (Black Sea) क्षेत्र से आने वाले अन्य देशों के नए गेहूं की कीमत 233 से 238 डॉलर प्रति टन FOB बताई जा रही है। माल ढुलाई और अन्य खर्च जोड़ने के बाद भी यह भारतीय गेहूं की तुलना में 25-30 डॉलर प्रति टन सस्ता सस्ता पड़ता है।
