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15 प्रतिशत तक गिरे चीनी के खुदरा दाम! नए सीजन में चीनी स्टॉक का नया नियम, 1000 क्विंटल और 15 दिन का क्या है मामला?

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:28 PM (IST)

केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए डीलरों पर स्टॉक सीमा ...और पढ़ें

चीनी के खुदरा दामों में गिरावट, स्टॉक का नया नियम बना

चीनी के खुदरा दामों में गिरावट, स्टॉक का नया नियम बना

HighLights

  1. डीलरों के लिए चीनी स्टॉक सीमा 1000 क्विंटल तय।

  2. स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन की गई।

  3. त्योहारी सीजन में चीनी के खुदरा दाम 15% गिरे।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और आम ग्राहकों को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा और सख्त कर दी है। खाद्य मंत्रालय ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा कि 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर के चीनी डीलर अधिकतम 1,000 क्विंटल चीनी ही स्टॉक में रख सकेंगे।

इसके साथ ही डीलरों को सिर्फ 15 दिनों तक ही चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति होगी। इससे पहले सरकार ने 15 सितंबर से स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल तय की थी।

इन राज्यों को मिली विशेष छूट

1,000 क्विंटल चीनी का कोटा तय करने के साथ ही सरकार ने क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र साथ ही असम के लिए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल निर्धारित की है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदकर पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक आपूर्ति करता है। वहीं असम में भौगोलिक परिस्थितियों और परिवहन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए अधिक सीमा तय की गई है।

जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगेगी रोक

अगस्त में सरकार ने पूरे देश में चीनी डीलरों के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा लागू की थी, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक प्रभावी थी। उस समय स्टॉक रखने की अधिकतम अवधि 30 दिन तय की गई थी। बाद में इसे घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया गया था और अब इसे और कम करके 1,000 क्विंटल कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि स्टॉक सीमा घटाने से जमाखोरी, सट्टेबाजी और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगेगी।

15 फीसदी कम हुए खुदरा दाम

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, अगस्त में बने हाई लेवल दामों की तुलना में चीनी के औसत खुदरा दाम करीब 15 प्रतिशत तक कम हो चुके हैं और आने वाले समय में इनमें और नरमी आने की उम्मीद है। मंत्रालय ने बताया कि मिल स्तर (एक्स-मिल) पर चीनी की कीमतों में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और पिछले तीन सप्ताह से ये कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होगा फायदा

सरकार ने चीनी मिलों, डीलरों, थोक व्यापारियों और अन्य बाजार सहभागियों से कहा है कि वे चीनी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की जमाखोरी या सट्टेबाजी से बचें।

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साथ ही थोक और खुदरा व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।