दशहरे से पहले चीनी बिक्री का नया कोटा जारी! 15 दिन में 16 लाख टन का आवंटन, कीमतों पर क्या है सरकार का दांव?
सरकार ने त्योहारों के मद्देनजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने और जमाखोरी रोकने के लिए अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े ...और पढ़ें
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चीनी के लिए नए कोटे का आवंटन
HighLights
अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े के लिए 16 लाख टन चीनी कोटा।
त्योहारों में कीमतों पर नियंत्रण, जमाखोरी रोकने का लक्ष्य।
पखवाड़े के आधार पर यह चौथा चीनी कोटा आवंटन है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अगस्त में त्योहारों के दौरान चीनी की बढ़ी कीमतों को ध्यान में रखते हुए जमाखोरी रोकने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने सितंबर से स्ट्रांग कोटा प्रणाली लागू किया था, जिसमें 15-15 दिनों के पखवाड़े के लिए चीनी बिक्री का आवंटन किया जाने लगा। अक्टूबर में नवरात्र, दशहरा और करवा चौथ जैसे त्योहारों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े के लिए घरेलू बाजार में चीनी की बिक्री का कोटा 16 लाख मीट्रिक टन (LMT) तय किया है।
इसमें चीनी मिलों के लिए 14 लाख टन और एडवांस ऑथराइजेशन के तहत आयात की गई चीनी के लिए 2 लाख टन का कोटा शामिल है। खाद्य मंत्रालय की ओर से 12 अक्टूबर को जारी आवंटन के मुताबिक, यह व्यवस्था 13 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।
सरकार ने मासिक कोटा व्यवस्था की जगह पखवाड़े के आधार पर चीनी बिक्री का कोटा तय करने का फैसला किया था। इसके बाद यह चौथा कोटा आवंटन है। इस व्यवस्था के तहत सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तय अवधि के अनुसार बिक्री की सीमा निर्धारित करती है।
सितंबर से अधिक अक्टूबर का कोटा
इससे पहले अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए चीनी मिलों को घरेलू बाजार में बिक्री के लिए 14 लाख टन का कोटा आवंटित किया गया था। वहीं, सितंबर 2026 में सरकार ने पूरे महीने के लिए कुल 26.50 लाख टन चीनी का कोटा तय किया था। इसमें पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े के लिए 13.50 लाख टन चीनी शामिल थी।
पिछले साल अक्टूबर 2025 में सरकार ने घरेलू बाजार में बिक्री के लिए कुल 24 लाख टन चीनी का मासिक कोटा आवंटित किया था।
चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर रहेगी नजर
सरकार की ओर से पखवाड़े के आधार पर कोटा तय करने का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकना है। बिक्री की निर्धारित सीमा के जरिए सरकार बाजार में चीनी की आपूर्ति को नियंत्रित करती है।
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आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों पर बाजार की मांग, उपलब्ध स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति का असर रहेगा। सरकार के कोटा आवंटन से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। बता दें अक्टूबर बाद नवंबर महीने में दीवाली के दौरान मनाए जाने वाले त्योहारों के दौरान चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और जमाखोरी रोकने पर जोर दिया जा रहा है।
