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इंडोनेशिया ने बदली पॉलिसी तो भारत ने ढूंढा नया सप्लायर देश! डेलिगेशन के दौरे से पहले 2 लाख टन खाने के तेल का हुआ इंपोर्ट

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:28 PM (IST)

भारत खाद्य तेलों के लिए पाम ऑयल आयात के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, क्योंकि इंडोनेशिया और मलेशिया ...और पढ़ें

भारत को मिला पाम ऑयल की सप्लाई के लिए नया देश

भारत को मिला पाम ऑयल की सप्लाई के लिए नया देश

HighLights

  1. इंडोनेशिया में पाम तेल आपूर्ति पर अलनीनो का असर।

  2. भारत ने पाम तेल आयात के लिए कोलंबिया से संपर्क साधा।

  3. कोलंबिया ने भारत को 2 लाख टन पाम तेल भेजा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत खाद्य तेलों में सबसे अधिक पाम ऑयल का आयात करता है। जिसके लिए इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश प्रमुख सप्लायर देश हैं। इन देशों में अलनीनो के प्रभाव और बायो फ्यूल में मिश्रण बढ़ाने की पहल के बाद खाद्य उपयोग के लिए पाम तेल की उपलब्धता में असर होने की आशंका जताई गई, जिसे देखते हुए भारतीय कारोबारियों ने वैकल्पिक सप्लायर देश की तलाश तेज कर दी है।

भारतीय कारोबारियों का एक हाई लेवल डेलिगेशन कोलंबिया जाने की तैयारी में हैं। इस यात्रा का मकसद कोलंबिया के राष्ट्रीय ऑयल पाम उत्पादक महासंघ फेडेपल्मा के साथ एक MoU साइन करना है ताकि कोलंबिया भारत का प्रमुख तेल इंपोर्टर देश बन सके।

कोलंबिया ने की 2 लाख टन तेल की सप्लाई

भारतीय खाद्य तेल कारोबारियों के संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अध्यक्ष अंशु मलिक ने जानकारी देते हुए कहा कि कोलंबिया दुनिया का चौथा सबसे बड़ा पाम तेल उत्पादक देश है। साथ ही भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए अच्छे मौके देता है। हाल के समय में कोलंबिया ने भारत को करीब 2 लाख टन पाम तेल की सप्लाई भी की है। इससे भारत को तेल की खरीद के सोर्स में विविधता लाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वनस्पति तेल आयातक है।

अंशु मलिक मलिक ने कहा कि जैव ईंधन नीतियों, बिजनेस फ्लो में बदलाव, कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती मांग के कारण वनस्पति तेल एवं तिलहन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर बदलते परिवेश से गुजर रहा है। भारत को अपने सप्लायर सोर्स में विविधता लाने, देश में तिलहन के प्रोडक्शन को बढ़ाने और भारत में ही कृषि उत्पादों का अधिक वैल्यू एडेड करने की जरूरत पर जोर दिया जाना चाहिए।

सबसे बड़े सप्लायर देश में बदली पॉलिसी

इंडोनेशियाई पाम ऑयल एसोसिएशन (GAPKI) के अनुमान के मुताबिक अल-नीनो और सूखे के चलते इंडोनेशिया में क्रूड पाम तेल (CPO) के प्रोडक्शन में 50 लाख टन तक की भारी गिरावट आ सकती है। इसका असर अगले साल की शुरुआत से ही ग्लोबल सप्लाई चेन पर साफ दिखने लगेगा। इसके साथ ही B50 पॉलिसी लागू होने से अकेले बायोडीजल के लिए बड़ी मात्रा में पाम तेल की खपत डोमेस्टिक लेवल पर ही हो जाएगी। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाने वाले निर्यात मात्रा में भारी कटौती होगी।

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इंडोनेशिया में पाम ऑयल के प्रोडक्शन में कमी और B50 पॉलिसी के तहत सप्लाई की समस्या से बचने के लिए भारत ने कोलंबिया के रूप में नए देश का रुख किया है। जहां से 2 लाख टन पाम तेल की सप्लाई भी की जा चुकी है।