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त्योहारों से पहले सरकार ने जारी किया चीनी बिक्री का नया कोटा, किसे कितनी मिली शक्कर? नई कीमतें और गाइलाइंस

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:19 PM (IST)

सरकार ने त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और आपूर्ति बनाए रखने के लिए चीनी बिक्री ...और पढ़ें

सितंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए चीनी बिक्री का कोटा जारी

सितंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए चीनी बिक्री का कोटा जारी

HighLights

  1. सरकार ने त्योहारों के लिए 13.50 लाख मीट्रिक टन चीनी कोटा जारी किया।

  2. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक चीनी का आवंटन किया गया।

  3. चीनी मिलों के लिए सख्त बिक्री और स्टॉक प्रबंधन नियम लागू किए गए।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| चीनी की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने और सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत चीनी की बिक्री के लिए कोटा सिस्टम लागू किया गया है। त्योहारी मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 के दूसरे पखवाड़े (16-30 सितंबर) के लिए 13.50 लाख मीट्रिक टन चीनी बिक्री कोटा जारी किया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 15 सितंबर को जारी नॉटिफिकेशन में 587 चीनी मिलों और दो रिफाइनरियों को यह आवंटन दिया है।

सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए लागू की गई है। त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई उद्योग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और घरेलू इस्तेमाल बढ़ने से चीनी की मांग आमतौर पर तेज हो जाती है।

किस राज्य के लिए कितनी चीनी अलॉट?

राज्यवार आवंटन (State-wise allocation) में महाराष्ट्र को सबसे अधिक 4,25,492 टन चीनी का कोटा मिला है, जो 226 चीनी मिलों में बांटा जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश को 4,12,928 टन का आवंटन 123 मिलों के लिए किया गया है।

अन्य प्रमुख राज्यों में कर्नाटक को 2,02,473 टन, तमिलनाडु को 58,628 टन, गुजरात को 41,358 टन और बिहार को 28,327 टन का कोटा मिला है। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को भी उनकी उत्पादन क्षमता के अनुसार आवंटन किया गया है।

कीमतों पर क्या रहेगा असर?

अगस्त महीने के दौरान चीनी की मिल प्राइस रिकॉर्ड लेवल पर पहुंची थी, वहीं खुदरा बाजारों में इसका असर आज तक देखने को मिल रहा है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि दूसरा पखवाड़ा कोटा घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। उनके अनुसार महाराष्ट्र में एक्स-मिल चीनी कीमतें ₹4,200 से ₹4,400 प्रति क्विंटल और उत्तर प्रदेश में ₹4,500 से ₹4,700 प्रति क्विंटल के दायरे में बनी रह सकती हैं।

मिलों के लिए सख्त निर्देश

सरकार ने चीनी मिलों के लिए बिक्री और स्टॉक मैनेजमेंट को लेकर गाइडलाइंस भी जारी किए हैं। पखवाड़ा कोटा व्यवस्था के तहत मिलों को अपने आवंटन का कम से कम 40% हिस्सा पहले सप्ताह में बेचना होगा, जबकि बचा हुआ हिस्सा अगले सप्ताह में बेचा जाएगा। बिक्री के सात दिनों के भीतर चीनी की डिस्पैच भी अनिवार्य है।

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खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सितंबर के पहले पखवाड़े में जो चीनी मिलें अपना पूरा आवंटित कोटा नहीं बेच सकीं, उनकी बची हुई मात्रा को 15 सितंबर की क्लोजिंग स्टॉक में दिखाना होगा। ऐसी बची हुई मात्रा को बाद में बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पहले पखवाड़े के कोटे की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।

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