Gold Silver Crash: फेड मीटिंग से पहले क्यों क्रैश हो रहा सोना-चांदी, खरीदें-बेचें या करें इंतजार? कहां पहुंचे ताजा रेट
Gold Silver Price Today: फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अमेरिका में 29 जुलाई को होने वाली फेड रिजर्व की मीटिंग से पहले गोल्ड-सिल्वर में बड़ी गिरावट (gold silver price crash) दर्ज हुई। मंगलवार, 28 जुलाई को वैश्विक बाजार में सोना 1.30 फीसदी से ज्यादा टूट गया और 4022 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी 2.60 फीसदी से ज्यादा टूटकर 57 डॉलर के आसपास ट्रेड करती दिखी। यह गिरावट भारत में भी देखी गई।
कहां पहुंचे सोने-चांदी के ताजा रेट?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी वाला गोल्ड 1911 रुपए टूटकर 1,41,152 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम के दिनभर के लो लेवल पर चला गया। खबर लिखे जाने तक यह 1,41,500 रुपए (gold price today) पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी में 2.60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। कीमत 6,324 रुपए गिरकर दिनभर के लो लेवल पर पहुंच गई और 2,14,849 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) हो गई। वहीं रात 8.30 बजे तक यह 2,15,295 रुपए (silver rate today) पर कारोबार कर रही थी।
फेड मीटिंग पर क्यों टिकी सबकी नजरें?
गोल्ड-सिल्वर में भारी गिरावट के बीच पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की बैठक पर टिकी हैं। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फेड ब्याज दरों में कटौती करेगा, दरें स्थिर रखेगा या फिर बढ़ा देगा? यही फैसला आने वाले दिनों में गोल्ड और सिल्वर की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। बड़े निवेशक नई खरीद से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश के लिए बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर फेड की मीटिंग से पहले सोने-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट आई क्यों? क्या यह गिरावट आगे भी रहने वाली है? और Fed Meeting से पहले और बाद में गोल्ड-सिल्वर को लेकर निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जागरण बिजनेस से खास बातचीत के दौरान इन तमाम सवालों के जवाब दिए सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट और इंटेलिसिस वेंचर्स के फाउंडर अमित सुरेश जैन ने। उन्होंने 6 सवालों में निवेश की पूरी रणनीति भी समझाई।
सवाल 1: फेड मीटिंग से पहले और बाद में गोल्ड-सिल्वर में आमतौर पर क्या ट्रेंड देखने को मिलता है? क्या Safe Haven Buying बढ़ती है?
जवाब: फेड मीटिंग से पहले बाजार में अनिश्चितता बढ़ जाती है। ऐसे समय में बड़े निवेशक और ट्रेडर्स आमतौर पर सतर्क हो जाते हैं। इस समय सोने में मजबूत सेफ हेवेन की खरीदारी देखने को नहीं मिल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि निवेशकों को फिलहाल बॉन्ड्स में बेहतर और अपेक्षाकृत सुरक्षित रिटर्न मिल रहा है। इसलिए गोल्ड से पैसा निकलकर बॉन्ड्स में जा रहा है। हालांकि, Fed के फैसले के बाद बाजार में दोनों तरफ तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यानी कीमतें तेजी से ऊपर भी जा सकती हैं और नीचे भी।
सवाल 2: अगर फेड ब्याज दरें बढ़ा देता है तो गोल्ड और सिल्वर पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब: अगर फेड ब्याज दरें बढ़ाता है तो सोने और चांदी पर अतिरिक्त बिकवाली का दबाव आ सकता है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में बाजार कमजोर रह सकता है और मीडियम टर्म में कीमतें लंबे समय तक एक सीमित दायरे में घूम सकती हैं। कीमतों को अच्छी रिकवरी करने में एक साल तक का समय भी लग सकता है। नई खरीदारी भी सीमित रह सकती है। अगर बड़े निवेशक अपनी पुरानी खरीद यानी लॉन्ग पॉजीशन्स काटने लगते हैं, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। खासतौर पर उन निवेशकों पर ज्यादा दबाव रहेगा जिन्होंने ऊंचे स्तरों पर खरीदारी की है।
सवाल 3: आम निवेशकों को फेड मीटिंग्स के आसपास क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
जवाब: आम निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित रणनीति यही होगी कि वे फेड के फैसले का इंतजार करें। फैसले के बाद अगर बाजार में गिरावट आती है और फिर कीमतें स्थिर होने लगती हैं, तो वह खरीदारी का बेहतर मौका हो सकता है। अगर उम्मीदों के उलट सोना या चांदी मौजूदा स्तर से ऊपर भी निकलते हैं, तब भी बहुत बड़ी तेजी छूटने की संभावना कम है। फिलहाल बाजार टाइम करेक्शन के दौर में नजर आ रहा है। ऐसे में आने वाले समय में गिरावट पर खरीदारी के और मौके मिल सकते हैं।
सवाल 4: मौजूदा माहौल में फेड के रेट कट की कितनी संभावना है? अगर कटौती होती है तो गोल्ड-सिल्वर कितना चढ़ सकते हैं?
जवाब: मौजूदा आर्थिक हालात, महंगाई, मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए Fed के Rate Cut की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है। ज्यादा संभावना यही है कि ब्याज दरें या तो पहले जैसी रहेंगी या फिर बढ़ाई जा सकती हैं। अगर उम्मीद के उलट Fed ब्याज दरों में कटौती करता है, तो शॉर्ट टर्म में सोना और चांदी करीब 3 से 4 फीसदी तक उछाल दिखा सकते हैं। हालांकि, इससे ज्यादा बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
सवाल 5: Gold-Silver, Bond Yield और Dow Jones के बीच अभी क्या संबंध है?
जवाब: इस समय बाजार का समीकरण पहले से काफी बदल चुका है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो बॉन्ड्स ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं क्योंकि उनमें तय और बेहतर रिटर्न मिलता है। ऐसे में निवेशक गोल्ड और सिल्वर से पैसा निकालकर बॉन्ड्स में लगा सकते हैं। पहले युद्ध या वैश्विक तनाव के समय सोना और चांदी सबसे ज्यादा चमकते थे, लेकिन इस बार तस्वीर अलग है। कच्चे तेल का असर महंगाई पर पड़ रहा है और बॉन्ड यील्ड भी मजबूत बनी हुई है। इसलिए बड़ी मात्रा में पैसा सीधे बॉन्ड्स में जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को सिर्फ पुराने पैटर्न पर भरोसा करने के बजाय बदलते बाजार के हिसाब से अपनी रणनीति बदलनी चाहिए। जो ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सवाल 6: आने वाले समय में Gold और Silver का आउटलुक क्या है? अभी खरीदारी करनी चाहिए या इंतजार?
जवाब: लंबी अवधि यानी अगले 5 से 10 साल के नजरिए से देखें तो सोना और चांदी अब भी मजबूत निवेश माने जा रहे हैं। लेकिन शॉर्ट से मीडियम टर्म यानी अगले 1 से 4 साल तक बाजार में Consolidation और टाइम करेक्शनदेखने को मिल सकता है। जिन्होंने निचले स्तरों पर खरीदारी की थी, वे अभी भी अच्छे मुनाफे में हैं। सबसे बड़ा जोखिम उन निवेशकों के लिए है जो हालिया तेजी देखकर FOMO यानी 'मौका छूटने के डर' में खरीदारी कर रहे हैं। अगर आपका निवेश का नजरिया 5 से 10 साल का है तो धीरे-धीरे और किस्तों में खरीदारी करना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर आपका लक्ष्य शॉर्ट या मीडियम टर्म का है, तो फिलहाल बेहतर एंट्री लेवल का इंतजार करना ज्यादा समझदारी होगी।
