रिकॉर्ड हाई से ₹50000 सस्ता सोना, अब खरीदना चाहिए गोल्ड, तेजी और गिरावट पर एक्सपर्ट के क्या अनुमान?
सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से 26% गिरकर ₹141,630 प्रति दस ग्राम पर आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना ...और पढ़ें

सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली।
HighLights
सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर से 26% तक गिरीं।
एक्सपर्ट के अनुसार, निकट भविष्य में उछाल की संभावना कम।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंक खरीदारी से समर्थन मिलेगा।
नई दिल्ली। सोने की कीमतें (Gold Prices) अपने ऑल टाइम हाई से 26 फीसदी तक गिर चुकी हैं और यह 50000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया है। हालांकि, गोल्ड में गिरावट का सिलसिला अभी कायम है। खासकर, मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई भी लगातार बनी हुई है। इन कारणों के चलते अमेरिकी सेंट्रल बैंक सख्त मौद्रिक नीति अपना रहा है, जिसका दबाव सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। सवाल है कि क्या सोने में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा या मौजूदा स्तरों से इसमें तेजी देखने को मिलेगी। क्या दीवाली से पहले और त्योहारी सीजन में गोल्ड एक अच्छी चाल दिखाएगा?
इस सवाल का जवाब कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्स ने दिया है। एनालिस्ट का कहना है कि मौजूदा गिरावट से सोने की व्यापक तेजी खत्म नहीं होती है, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की ओर से की जा रही खरीदारी से सोने की कीमतों को समर्थन मिलना जारी रहेगा यानी गोल्ड में और गिरावट की गुंजाइश कम है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट, अनुज गुप्ता ने कहा है कि नियर टर्म में सोने की कीमतों में उछाल आने की संभावना कम है।
सोना कहां बनाएगा सपोर्ट?
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट, अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंटरनेशनल मार्केट में भाव 3800 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। ऐसे में भारतीय बाजारों में 130000 का स्तर सोने में खरीदारी के लिए एक अच्छा सपोर्ट होगा।
उन्होंने कहा कि डॉलर की मजबूती, रूस द्वारा गोल्ड की बिकवाली, डिमांड में कमजोरी सोने के लिए नेगेटिव ट्रिगर हैं। इसके अलावा, आगामी FOMC बैठक में यूएस फेड की कमेंट्री भी गोल्ड व बेस मेटल की चाल तय करेगी। फिलहाल, भारत में सोने का हाजिर भाव 141630 रुपये प्रति दस ग्राम है।
सोने को मिलता रहेगा सहारा
उधर, मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव ने कहा, "अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी सोने के लिए नेगेटिव है। उन्होंने कहा, "हालांकि, मौजूदा गिरावट का मतलब यह नहीं है कि व्यापक तेजी का रुझान खत्म हो गया है, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की ओर से खरीदारी से बाजार को लगातार सपोर्ट मिलते रहने की संभावना है।"
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बता दें कि 28 जनवरी, 2026 को सोने की हाज़िर कीमतें (स्पॉट गोल्ड प्राइसेज़) उछलकर 5,419 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गईं। इस दौरान भारत में भाव 1,90,000 के पार चला गया था। हालांकि, अक्टूबर में अब तक सोने की कीमत 26 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर 4,038 डॉलर प्रति औंस (141630 रुपये) के आसपास कारोबार कर रही हैं।
