Gold Price Hike: गोल्ड की ऐतिहासिक छलांग, रिकॉर्ड 5000 डॉलर के इतने करीब पहुंचा; इन 5 वजहों से अचानक आई तेजी?
Gold Price Record High: वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें $5,000 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
Gold Price Today: अगर आप सोने में निवेश करते हैं या खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें तेज उछाल के साथ $5,000 प्रति औंस (भारतीय रुपए में करीब 1.62 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) के रिकॉर्ड स्तर के (Gold Rate Today) करीब पहुंच गई हैं। डॉलर की कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने मिलकर सोने को फिर से निवेशकों का फेवरेट बना दिया है।
वैश्विक बाजार में 1.60 लाख रुपए के पार पहुंचा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार, रात 8 बजे तक सोना 4933.40 डॉलर प्रति औंस (Gold Price Comex) पर ट्रेड कर रहा था। जबकि दिन में सोने की कीमत 4,950 डॉलर (करीब 4,54,984 रुपए) प्रति औंस (1 औंस = 28.34 ग्राम) के ऊपर चली गई है, जो अब तक का नया ऑल-टाइम हाई (Gold Price All Time High) है। यह मार्च 2020 के बाद की सबसे मजबूत साप्ताहिक तेजी मानी जा रही है।
इन 5 वजहों से सोने की कीमतों ने लगाई छलांग
- डॉलर कमजोर: अमेरिकी डॉलर के नरम पड़ने से सोना सस्ता और आकर्षक हुआ
- जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिका-यूरोप और ग्रीनलैंड से जुड़े घटनाक्रमों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई
- सेफ-हेवन डिमांड: जोखिम बढ़ते ही निवेशक सोने की ओर लौटे
- महंगाई में नरमी: अमेरिका में इंफ्लेशन डेटा से ब्याज दर कटौती की उम्मीद मजबूत
- फेड रेट कट की उम्मीद: बाजार इस साल दो बार ब्याज दर घटने की संभावना आंक रहा है
गोल्ड आगे और तेजी की उम्मीद क्यों?
निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन को लेकर होने वाले फैसले पर है। माना जा रहा है कि अगर ज्यादा नरम रुख (dovish) वाला चेयरमैन चुना जाता है, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और बढ़ेगी, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि मौजूदा हालात बने रहते हैं तो $5,000 का स्तर टूटना मुश्किल नहीं है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली का जोखिम भी बना रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लंबी अवधि में सोना सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, खरीद से पहले स्तर और रणनीति पर ध्यान देना जरूरी है।
