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Gold Price Outlook: ₹1.25 लाख से नीचे आ जाएगा सोना? अमेरिकी बैंक ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी!

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:02 PM (IST)

Gold Price Today: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, अमेरिकी बैंक स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट ने भविष्यवाणी की है ...और पढ़ें

सोने की कीमत: अमेरिकी बैंक की बड़ी भविष्यवाणी, 2027 तक 5000 डॉलर पहुंचेगा सोना

सोने की कीमत: अमेरिकी बैंक की बड़ी भविष्यवाणी, 2027 तक 5000 डॉलर पहुंचेगा सोना

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| क्या आप भी सोने की कीमतों में हो रहे रोज के उतार-चढ़ाव को देखकर कन्फ्यूज हैं कि आने वाले समय में सोना सस्ता होगा या फिर कोई नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाएगा? अगर हां, तो आपके लिए यह बेहद अहम जानकारी है। ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रहे इजाफे के कारण भले ही अगले हफ्ते तक सोने की कीमत गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस (gold rate today) के करीब आ जाए, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी लंबी अवधि के लिए इसे लेकर बेहद बुलिश हैं।

अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के हेड ऑफ गोल्ड स्ट्रैटेजी, आकाश दोशी का मानना है कि साल 2027 की दूसरी तिमाही (यानी अगले छह महीनों के भीतर) सोना 5,000 डॉलर के आंकड़े को छू सकता है।

सोने पर अभी इतना दबाव क्यों है?

एक इंटरव्यू में आकाश दोशी ने बताया कि इस वक्त सोने को कुछ टैक्टिकल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) का आक्रामक रवैया और मजबूत होता अमेरिकी डॉलर सोने पर दबाव बना रहे हैं। अगस्त के मध्य से ही बाजार यह मानकर चल रहा है कि ब्याज दरों में अभी दो बार और बढ़ोतरी हो सकती है। आसान भाषा में कहें तो बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती ने फिलहाल सोने की चमक को थोड़ा फीका किया है।

फिर $5,000 तक कैसे पहुंचेगा भाव?

दोशी के मुताबिक, भले ही ब्याज दरें बढ़ रही हों, लेकिन इससे अमेरिका और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लंबी अवधि की वित्तीय परेशानियां खत्म नहीं होने वालीं। उल्टे, बढ़ती ब्याज दरों से सरकारों का कर्ज चुकाने का खर्च बढ़ जाएगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि अगस्त महीने में ही अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है।

कोविड-19 महामारी से पहले अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 1.5% के आसपास थी, जो आज बढ़कर लगभग 5.3% हो गई है। इसके बावजूद सोना 4,000 डॉलर (भारतीय करेंसी में करीब 1.25 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) के करीब मजबूती से टिका हुआ है। यह साबित करता है कि सोने में लंबी अवधि में टिके रहने की गजब की ताकत है।"

चीन और पश्चिमी देशों से मिल रहा भारी सपोर्ट

सोने की कीमतों को असली सपोर्ट इसकी फिजिकल और इन्वेस्टमेंट डिमांड से मिल रहा है, खास तौर पर चीन से। साल 2026 के पहले सात महीनों में ही चीन ने 1,000 टन सोने का भारी-भरकम आयात किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 78% ज्यादा है, वह भी तब जब वहां स्थानीय स्तर पर सोने की कीमतें 45% तक महंगी हो चुकी हैं।

सिर्फ चीन ही नहीं, पश्चिमी देशों के निवेशक भी सोने पर जमकर दांव लगा रहे हैं। अगस्त महीने में ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ (ETF) में 17.1 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जिसमें से अकेले अमेरिकी फंड्स में 7.9 अरब डॉलर आए। यह सितंबर 2025 के बाद उनका सबसे शानदार महीना रहा।

कुल मिलाकर, महंगाई, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अर्थव्यवस्था की अनिश्चितताओं के बीच स्मार्ट निवेशक आज भी सोने को सबसे सुरक्षित 'हेज' (बचाव) मान रहे हैं। ऑप्शंस मार्केट का रुझान भी यही इशारा कर रहा है कि निवेशक सोने की बढ़ती कीमतों पर अपना पैसा लगा रहे हैं, जिससे इसके $5000 तक पहुंचने (Gold Price Outlook 2026) का रास्ता साफ नजर आ रहा है। भारतीय करेंसी में यह कीमत करीब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम (gold price outlook) के आसपास बैठती है।

हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह कीमत ग्लोबल मार्केट के आधार पर है। क्योंकि भारत में गोल्ड और सिल्वर पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी भी लगती है। यानी ग्लोबल बाजार में जो रेट है, भारत में सोना उससे 15 फीसदी तक महंगा हो सकता है।

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