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₹3 लाख के पार जाएगा सोना या फिर होगा क्रैश? जेफरीज की सबसे बड़ी भविष्यवाणी; अब खरीदें या नहीं, 5 पॉइंट में समझें

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:13 PM (IST)

Gold Silver Price Prediction 2026: वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञों ने सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी उछाल का ...और पढ़ें

सोने की कीमत 3 लाख के पार या क्रैश: जेफरीज की बड़ी भविष्यवाणी, जानें कब खरीदें

सोने की कीमत 3 लाख के पार या क्रैश: जेफरीज की बड़ी भविष्यवाणी, जानें कब खरीदें

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| हाल ही में वैश्विक बाजारों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के फैसलों के बीच सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने (gold silver price today) को मिला। अनुमान है कि अब गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि दीवाली तक गोल्ड पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है और 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। इतना ही नहीं, ग्लोबल बैंक जेफरीज ने गोल्ड की कीमतों पर अब तक की सबसे बड़ी भविष्यवाणी कर दी है।

जेफरीज का दावा है कि आने वाले कुछ महीनों में गोल्ड 10,000 डॉलर प्रति औंस (gold price prediction 2026) के पार जा सकता है। भारतीय करेंसी के हिसाब से यह कीमत 3.08 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम (gold price outlook 2026) बैठती है।

अब सवाल यह है कि आखिर आगामी हफ्ते में गोल्ड-सिल्वर की चाल क्या रह सकती है? इसे लेकर इंटेलीसिस वेंचर्स के फाउंडर और सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट अमित सुरेश जैन (amit suresh jain) ने पांच सवालों में जवाब दिए। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...

शुक्रवार को कहां क्लोज हुआ सोना-चांदी?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार, 18 सितंबर को गोल्ड 1,54,600 रुपए प्रति 10 ग्राम के लेवल (gold price today) पर बंद हुआ। जबकि चांदी 2,43,047 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) पर क्लोज हुई। वहीं ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स पर 18 सितंबर को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,53,727 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम थी। इसके अलावा, 22 कैरेट सोने की कीमत 1,48,814 रुपए, 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,295 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। जबकि चांदी के दाम 2,36,908 रुपए (silver rate today) प्रति किलोग्राम हो गए।

सवाल 1: फेड रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के फैसलों के बाद भी सोने-चांदी की कीमतें अचानक इतनी तेजी से क्यों भागने लगीं?

अमित सुरेश जैन: देखिए, बाजार में जो दिखता है, असल में वो होता नहीं है और जो होने वाला होता है, उसे पहले ही पर्दे के पीछे रख दिया जाता है। फेड की घोषणा से पहले ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ब्याज दर बढ़ने की खबरें थीं, जिन्हें बाजार पहले ही डिस्काउंट कर चुका था। यही वजह है कि शुरुआती हल्की गिरावट के बाद बाजार में जबरदस्त रिकवरी आ गई।

सवाल 2: क्या सोना इस बार जनवरी का अपना पुराना हाई रिकॉर्ड तोड़ पाएगा या चांदी की चमक अभी और बढ़ेगी?

अमित सुरेश जैन: सोने-चांदी के लिए जनवरी के पुराने हाई को तुरंत तोड़ने की संभावना कम नजर आती है। पिछले चार महीनों से चांदी ₹2.25 लाख से ₹2.60 लाख के दायरे में ही घूम रही है। सोने के लिए ₹1,56,000 से ₹1,58,000 का स्तर बेस्ट अपसाइड पोटेंशियल हो सकता है। जबकि ₹1,49,600 के नीचे मंदी का खतरा ट्रिगर हो सकता है। लॉन्ग टर्म के हिसाब से देखें सोना साल के अंत तक 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपए के लेवल छू सकता है। वहीं, चांदी 3 लाख से 3.20 लाख के स्तर को पार कर सकती है।

सवाल 3: क्या मौजूदा तेजी के माहौल में आम निवेशकों को तुरंत सोना-चांदी खरीद लेना चाहिए या अभी इंतजार करना बेहतर है?

अमित सुरेश जैन: यह बाजार फिजिकल कामकाज या आम निवेशकों के लिए बहुत आसान नहीं है। फिजिकल सोना खरीदने पर बेचने के समय ₹500 से ₹700 और चांदी में ₹2,000 से ₹3,000 का डिस्काउंट झेलना पड़ता है। इसलिए बिना सोचे-समझे इस तेजी में कूदने के बजाय बाजार में किसी बड़े डिप या करेक्शन का इंतजार करना ही समझदारी है।

सवाल 4: निवेशकों के मन में अक्सर यह डर रहता है कि कहीं 2008 या जनवरी 2026 की तरह बाजार में कोई बहुत बड़ा क्रैश न आ जाए, क्या ऐसा संभव है?

अमित सुरेश जैन: बाजार में समय-समय पर टाइम करेक्शन निवेशकों को परेशान करता है और बड़ी रैली से पहले बाजार एक बार जरूर टूटता है। हालांकि, हर दिन ऐसी तबाही की आशंका रखना गलत है। कोई भी कमोडिटी हो, बड़े उछाल से पहले लंबा कंसोलिडेशन फेज आता है, इसलिए छोटे-छोटे निवेश को टुकड़ों में और संयम के साथ संभालना चाहिए।

सवाल 5: आने वाले एक हफ्ते के लिहाज से निवेशकों को गोल्ड, सिल्वर, क्रूड और कॉपर में क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

अमित सुरेश जैन: मनोवैज्ञानिक और तकनीकी नजरिए से क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस में बेहतर और सीमित रिस्क रिवॉर्ड मिल सकता है। सोने-चांदी के मामले में शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म पोजीशन बनाते वक्त अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें और हमेशा स्टॉपलॉस का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि बाजार में पास्ट परफॉर्मेंस फ्यूचर की गारंटी नहीं देती।

जेफरीज की भविष्वाणी पर क्या बोले अनुज गुप्ता?

सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि जेफरीज ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटजी क्रिस्टोफर वुड ने गोल्ड का लॉन्ग-टर्म टारगेट 10,000 डॉलर का दिया है। भारतीय रुपए में यह कीमत 3.08 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से ऊपर बैठती है। क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि अमेरिकी डेट, सप्रेस यील्ड और साथ में सेंट्रल बैंक्स की खरीदारी गोल्ड की कीमतों को सबसे ज्यादा सपोर्ट करेगी। अनुज गुप्ता का कहना है कि अगर गोल्ड का भाव 4,000 से लेकर 3,800 डॉलर तक आता है तो एक्युमलेट करना चाहिए। साथ में इंडियन डिमांड, इंडियन हाउसहोल्ड की डिमांड, इंडियन ज्वैलरी डिमांड का काफी हद तक सपोर्ट रहेगा।

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