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Gold Price Crash: सोना ₹3400 टूटकर ₹1.47 लाख पर अटका! क्यों आई गिरावट और कब आएगी तेजी, किन संकेतों पर रखें नजर?

Published: Mon, 28 Sep 2026 12:17 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 01:08 PM (IST)

Gold Price Today: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के चलते सोने ...और पढ़ें

सोने की कीमतों में ₹3400 की गिरावट: जानें कारण, भविष्य और निवेश के महत्वपूर्ण स्तर

सोने की कीमतों में ₹3400 की गिरावट: जानें कारण, भविष्य और निवेश के महत्वपूर्ण स्तर

HighLights

  1. सोने की कीमतों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड की उम्मीदों से गिरावट।

  2. केंद्रीय बैंकों की खरीद सोने को दे रही है सहारा।

  3. महंगी ऊर्जा और ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए बड़ी चुनौती।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| सोने की तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों ने गोल्ड पर दबाव बढ़ा दिया है। जुलाई और अगस्त में करीब 11% चढ़ने के बाद सोना इस महीने अब तक करीब 6% गिर (gold price crash) चुका है। फिलहाल ग्लोबल मार्केट में सोना 2.58% की गिरावट यानी 111 डॉलर गिरकर 4209 डॉलर पर कारोबार (gold price today) कर रहा है।

वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 2.25 फीसदी टूट गया और 3473 रुपए गिरकर 1,47,408 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार (gold rate today) करता दिखा।

गोल्ड के लिए क्या है सबसे बड़ी चुनौती?

सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। CME FedWatch के मुताबिक, अक्टूबर में फेड की ओर से 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना अब 68% हो गई है, जो एक हफ्ते पहले 57% थी। ब्याज दर और बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर सोने जैसे ऐसे एसेट की अपील घटती है, जिससे निवेशकों को नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती।

बॉन्ड यील्ड भी बनी सबसे बड़ी चुनौती

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने गोल्ड की तेजी को सबसे ज्यादा रोका है। 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 5.5% तक पहुंच गई है, जो दो दशक से ज्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक,

ऊंची यील्ड पर सोना रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है। अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता भी सोने को उसके हालिया उच्च स्तर से नीचे बनाए हुए है। हालांकि, मध्यम अवधि में गोल्ड का फंडामेंटल पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिरती हैं, बॉन्ड यील्ड नरम होती है या जियोपॉलिटिकल और वित्तीय जोखिम बढ़ते हैं, तो सोने की निवेश मांग फिर मजबूत हो सकती है। फिलहाल महंगी ऊर्जा और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद गोल्ड के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।"

फेड, तेल और AI के बीच फंसा गोल्ड

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना इस समय दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा है। एक तरफ महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव हैं, जो सोने की सेफ-हेवन मांग बढ़ा सकते हैं। दूसरी तरफ ऊंची यील्ड और शेयर बाजार में मजबूत जोखिम लेने की भूख है, जो निवेशकों को इक्विटी जैसे ज्यादा रिटर्न वाले एसेट की ओर बनाए रख सकती है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि,

एआई और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश के दम पर वॉल स्ट्रीट में रिकॉर्ड तेजी दिख रही है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल तेज आर्थिक गिरावट की आशंका को लेकर बड़े पैमाने पर सुरक्षित एसेट्स की ओर नहीं जा रहे हैं।"

कच्चा तेल भी गोल्ड के लिए अहम रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सप्लाई में रुकावट से तेल महंगा हुआ तो महंगाई फिर बढ़ सकती है। इससे फेड की ओर से और दर बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हो सकती है और गोल्ड पर दबाव बढ़ सकता है।

सेंट्रल बैंक की खरीदारी दे रही सहारा

इसके बावजूद केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद गोल्ड को सहारा दे रही है। चीन के सेंट्रल बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (People's Bank of China) ने अगस्त में 20.2 टन सोना खरीदा, जो 2023 के अंत के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद रही। पोलैंड भी इस साल बड़े खरीदारों में शामिल है। अगस्त में यूरोपीय फंड्स में गोल्ड ETF का नेट इनफ्लो भी सकारात्मक रहा।

इस खरीदारी से सोने में बड़ी गिरावट सीमित रह सकती है, क्योंकि केंद्रीय बैंक कीमतों में कमजोरी आने पर अपने रिजर्व बढ़ा सकते हैं।

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अब गोल्ड के लिए अगला ट्रिगर क्या?

वीके वेल्थवाइस एंड एसोसिएट्स के रिसर्च एनालिस्ट वत्सल खेमका ने बताया कि अगर डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत बने रहते हैं तो निकट अवधि में सोना सीमित दायरे में रह सकता है और हल्का दबाव बना रह सकता है। COMEX स्पॉट पर गोल्ड के लिए 4,100 डॉलर सपोर्ट और 4,260 डॉलर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी का सपोर्ट 59 डॉलर और रेजिस्टेंस 63 डॉलर प्रति औंस रह सकता है। MCX पर 1,45,000 रुपए सपोर्ट और 1,50,000 रुपए रेजिस्टेंस माना गया है। वहीं एमसीएक्स पर चांदी का सपोर्ट 2,21,000 रुपए और 2,37,000 रुपए का रेजिस्टेंस है।