सोना खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट! Gold Hallmarking Fee में 66.7% का इजाफा, अब गहनों पर लगेगा नया चार्ज
Gold Hallmarking fee Hike: सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस में 66.7% की बढ़ोतरी हुई है, अब प्रति वस्तु ₹45 से बढ़कर ₹75 हो गई है।

Gold Hallmarking Fee में 66.7% का इजाफा
HighLights
सोने की हॉलमार्किंग फीस में 66.7% की वृद्धि।
प्रति सोने की वस्तु शुल्क ₹45 से बढ़कर ₹75 हुआ।
चांदी की हॉलमार्किंग फीस में कोई बदलाव नहीं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: त्योहारी और शादियों के सीजन से ठीक पहले सोना खरीदने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने (Gold) के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस (Hallmarking fee) में बड़ा इजाफा कर दिया गया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा 'भारत के राजपत्र' में जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, ये नई दरें 14 सिंतबर 2026 से पूरे देश लागू हो गई हैं।
सोने की हॉलमार्किंग हुई महंगी
ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, आभूषण विक्रताओं द्वारा मान्यता प्राप्त एसेयिंग एंव हॉलमार्किंग केंद्र को दी जाने वाली सोने की हॉलमार्किंग (Gold Hallmarking fee hike) फीस में सीधे 66.7% की बढ़ोतरी की गई है। अब प्रति सोने की वस्तु (आर्टिकल) पर यह शुल्क ₹45 से बढ़कर ₹75 कर दिया गया है। यानी अब ज्वैलर को हर एक गहने की हॉलमार्किंग पर ₹30 ज्यादा चुकाने होंगे। इसके अलावा, सोने के एक पूरे पारेषण (Consignment) के लिए न्यूनतम हॉलमार्किंग शुल्क ₹200 तय किया गया है। (ध्यान रहे, इन शुल्कों पर प्रचलित दरों के अनुसार टैक्स अलग से लगेगा।)
चांदी के ग्राहकों के लिए राहत
वहीं चांदी (Silver) के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग की फीस पहले की तरह ही ₹35 प्रति वस्तु पर बरकरार रखी गई है। चांदी के एक पारेषण के लिए न्यूनतम शुल्क ₹150 तय किया गया है।
क्या पहले भी हुए हैं बदलाव?
बता दें कि BIS के हॉलमार्किंग नियम पहली बार 14 जून 2018 को जारी किए गए थे। इसके बाद इनमें जरूरत के हिसाब से कई बार बदलाव भी किए गए। इसके साथ ही पहला संशोधन 12 अक्टूबर 2018 को किया गया था इसके बाद 27 अक्टूबर 2021 और 4 मार्च 2022 को नियमों में बदलाव हुआ था। अब 14 सितंबर 2026 को किया गया संशोधन इस नियम में चौथा बदलाव माना जा रहा है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
भारत में सोने के गहनों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य है। चूंकि अब ज्वैलर्स के लिए प्रति गहना हॉलमार्किंग की लागत ₹30 बढ़ गई है, इसलिए वे इस अतिरिक्त लागत को ग्राहकों के फाइनल बिल में जोड़ सकते हैं।
मान लीजिए किसी ज्वैलर को 50 सोने के गहनों की हॉलमार्किंग करानी है। अगर फीस ₹45 से बढ़कर ₹75 हो जाती है, तो पहले उसे ₹2,250 देने पड़ते थे। अब यही खर्च बढ़कर ₹3,750 हो जाएगा।
