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गिरावट के बीच सोना बना निवेशकों की पहली पसंद, Gold ETF का फंड बढ़कर 1.86 लाख करोड़ पार; टॉप-5 फंड्स में कौन अव्वल?

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:40 PM (IST)

Gold ETF India: भारतीय निवेशकों का सोने में भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे गोल्ड ईटीएफ इंडस्ट्री ने नया रिकॉर्ड ...और पढ़ें

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एयूएम 1.86 लाख करोड़ के पार, जानें टॉप फंड्स

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एयूएम 1.86 लाख करोड़ के पार, जानें टॉप फंड्स

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Gold ETF भारतीय निवेशकों का सोने के प्रति भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। देश की गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF Investment) इंडस्ट्री ने बड़ा मुकाम हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है।

30 सितंबर 2026 तक देश की सभी 26 गोल्ड ईटीएफ स्कीमों का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। आईसीआरए (ICRA) एनालिटिक्स की ताजा रिपोर्ट में यह अहम जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस सेक्टर में मार्केट शेयर का बड़ा हिस्सा चुनिंदा फंड्स के पास ही केंद्रित है। शीर्ष 5 गोल्ड ईटीएफ स्कीमों के पास कुल इंडस्ट्री का 80.2 प्रतिशत मार्केट शेयर है, जो अकेले लगभग 1.49 लाख करोड़ रुपए का भारी-भरकम फंड मैनेज करते हैं।

टॉप-5 में नंबर-1 पर कौन?

इस सेगमेंट में निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईईएस (Nippon India ETF Gold BeES) 56,982 करोड़ रुपए के एयूएम के साथ सबसे आगे और नंबर वन पर बनी हुई है, जो अकेले इस कैटेगरी का 30.6% हिस्सा संभालती है।

इसके बाद आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ (27,615 करोड़ रुपए), एसबीआई गोल्ड ईटीएफ (26,466 करोड़ रुपए), एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ (23,900 करोड़ रुपए) और कोटक गोल्ड ईटीएफ (14,473 करोड़ रुपए) का स्थान आता है।

आंकड़ों पर गौर करें तो टॉप 3 स्कीमों के पास कुल एयूएम का करीब 60% और टॉप 2 के पास लगभग 45% हिस्सा है।

वहीं, टाटा, एक्सिस, यूटीआई, मिरे एसेट और आदित्य बिड़ला सन लाइफ जैसे अगले पांच बड़े फंडों को मिला दिया जाए, तो शीर्ष पांच के साथ इन स्कीमों के पास कुल एयूएम का 92.4% हिस्सा हो जाता है।

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क्या बोले एनालिटिक्स?

इस ट्रेंड पर बात करते हुए आईसीआरए एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मार्केट डेटा हेड अश्विनी कुमार ने कहा कि मार्केट भले ही बहुत बड़ा हो गया है, लेकिन एसेट्स का कंसंट्रेशन कुछ बड़ी स्कीमों में ही बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि नई स्कीमों की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वे निवेशकों को कितना आकर्षित करती हैं, हालांकि विभिन्न स्कीमों के रिटर्न में काफी समानता देखने को मिलती है।