फिर बढ़ गए चीनी के दाम, आम आदमी की जेब में कितना पड़ेगा असर?
अल नीनो के कारण कम बारिश के पूर्वानुमान से जून में चीनी की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। ...और पढ़ें
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चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी
HighLights
अल नीनो के कारण कम बारिश से चीनी महंगी हुई।
महाराष्ट्र में चीनी का भाव ₹38.5 से ₹41.5 प्रति किलो।
शादी-त्योहारों से बढ़ी मांग, कीमतों में 7% उछाल।
नई दिल्ली| इस साल कम बारिश के पूर्वानुमान के साथ ही देश में महंगाई का भी असर देखने को मिलने लगा है। बता दें कि अलनीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से बहुत कम बारिश का अनुमान था, जिसके बाद गन्ने की पैदावार प्रभावित होने की आशंका थी। अब जून महीने में चीनी की कीमत बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आ गई है।
कितना बढ़ा चीनी का भाव
भारत में प्राकृतिक चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य महाराष्ट्र है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में मिलों से निकलने वाली चीनी की कीमत (Sugar Price) करीब 38.5 रुपये प्रति किलो से बढ़कर लगभग 41.5 रुपये प्रति किलो हो गई है। कोल्हापुर बाजार में भी चीनी की थोक कीमतों में 7 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और कीमत ₹4,120 प्रति क्विंटल पहुंच गई है।
क्यों बढ़ी कीमत?
चीनी की कीमत में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मांग में तेजी को माना जा रहा है। इस सेक्टर के जानकारों के मुताबिक जून में मानसून की धीमी शुरुआत और कम बारिश के कारण गन्ने की पैदावार को लेकर चिंता बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर, अधिक मास समाप्त होने के बाद शादी-विवाह, और अन्य धार्मिक आयोजनों और त्योहारों की तैयारियों के चलते चीनी की मांग में बढ़ गई जिसके बाद । यही वजह है कि बाजार में कीमतों में उछाल देखने को मिला।
गन्ने की पैदावार पर बुरा असर
चीनी की खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। चीनी की कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण मौसम संबंधी समस्या है। दरअसल इस साल अलनीनो के कारण देश में बारिश बहुत कम होने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। कमजोर मानसून के कारण भारत में गन्ने की पैदावार को लेकर चिंता है, जिसके कारण चीनी की पैदावार में भी कमी का अनुमान है।
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इस कमी के पूर्वानुमान के कारण भारत ने चीनी के निर्यात पर भी कम से कम आने वाले 3 सीजन तक के लिए रोक लगा दी थी, इसके बाद ग्लोबल मार्केट में भी चीनी की कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
