सोना खरीदने वाले सावधान! असली बताकर नकली गहने पहना रहे ज्वेलर्स, कहीं आपने भी तो नहीं खरीदा?
हॉलमार्किंग फीस बढ़ने के बाद GJC ने नकली हॉलमार्क वाले सोने की बिक्री पर गंभीर चेतावनी जारी की है। धोखेबाज ...और पढ़ें

कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे फर्जी हॉलमार्क वाला सोना?
HighLights
सोने की हॉलमार्किंग फीस ₹45 से बढ़कर ₹75 हुई।
GJC ने नकली हॉलमार्क वाले सोने की बिक्री पर चेताया।
उपभोक्ता फर्जी हॉलमार्क वाले गहनों से ठगी का शिकार हो सकते हैं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: त्योहारी और शादी के सीजन में अगर आप भी आंख बंद करके 'हॉलमार्क' (Hallmark) वाला सोना खरीद रहे हैं, तो रुक जाइए। आपकी खून-पसीने की कमाई पर डाका डालने के लिए बाजार में एक बहुत बड़ा खेल शुरू हो चुका है। सरकार की तरफ से सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ाए जाने के बाद, ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने एक बेहद गंभीर और डराने वाली चेतावनी जारी की है।
काउंसिल का कहना है कि फीस बढ़ने का फायदा उठाकर कुछ धोखेबाज और लुटेरे सुनार आपके सोने पर 'फर्जी हॉलमार्क' (Fake Stamps) लगाकर आपको चूना लगा सकते हैं। आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और आपके साथ यह फ्रॉड कैसे हो सकता है।
कितने बढ़े हॉलमार्किंग चार्ज?
हाल ही में सोने के गहनों पर लगने वाले हॉलमार्किंग चार्ज (Hallmarking Charges) में भारी इजाफा किया गया है। पहले प्रति गहना (Per Article) हॉलमार्किंग कराने का खर्च मात्र 45 रुपये हुआ करता था। अब इसे बढ़ाकर सीधे ₹75 प्रति गहना कर दिया गया है।
आम ग्राहक को भले ही ₹30 की यह बढ़ोतरी बहुत मामूली लगे, लेकिन जो सुनार थोक (Bulk) में हजारों गहने बनवाते हैं, उनके लिए यह खर्च अचानक काफी बढ़ गया है।
GJC ने किया पर्दाफाश
जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (CJC) ने सरकार और एजेंसियों को आगाह करते हुए कहा है कि इस फीस बढ़ोतरी से बाजार में नकली मुहरों (Fake stamps) का काला धंधा तेजी से पनप सकता है। ₹75 की फीस और आधिकारिक हॉलमार्किंग सेंटर (AHCs) के चक्कर से बचने के लिए बेईमान सुनार अपनी ही दुकान के पीछे नकली मुहरें बनवाकर सोने पर ठप्पा मार सकते हैं।
ऑल-इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने ET को बताया कि देश के 800 जिलों में से सिर्फ 10% में ही BIS ऐप के बारे में लोगों को जानकारी है।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राहक धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि धोखेबाज हॉलमार्किंग सुरक्षा उपायों (जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं) की नकल करने के लिए लगातार नए और एडवांस तरीके अपना रहे हैं। GJC ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी और BIS के सामने यह मामला उठाया है और मांग की है कि प्रति आइटम 75 रुपये की मौजूदा दर को घटाकर पहले वाली 45 रुपये की दर पर वापस लाया जाए।
कितने हैं रजिस्टर्ड हॉलमार्किंग सेंटर्स?
GJC द्वारा बताए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मान्यता प्राप्त असेइंग और हॉलमार्किंग सेंटर्स (AHCs) की संख्या जुलाई 2022 में 1,220 से बढ़कर जुलाई 2026 में 1,577 हो गई। इसी दौरान, HUID के साथ हॉलमार्क किए गए सोने के आइटम की कुल संख्या 650 मिलियन से ज्यादा हो गई।
जानकारी के मुताबिक हॉलमार्किंग की गतिविधि में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। 2025-26 में कुल 132.2 मिलियन ज्वेलरी आइटम हॉलमार्क किए गए। हालांकि फीस बदलने पर GJC का अनुमान है कि इस सिस्टम पर अतिरिक्त फाइनेंशियल बोझ लगभग 400 करोड़ रुपये हो सकता है, इसके अलावा लगभग 80 करोड़ रुपये GST के तौर पर लगेंगे।
