प्याज की बढ़ी कीमत से मिलेगी राहत? नई फसल की आवक शुरू, किसानों को बेहतर दाम भी! रोज पहुंच रहीं 15 हजार बोरियां
देश में प्याज की ऊंची खुदरा कीमतों से जल्द राहत मिल सकती है क्योंकि मंडी में लाल प्याज की नई ...और पढ़ें

लाल प्याज की आवक शुरू
HighLights
अलवर मंडी में लाल प्याज की नई फसल की आवक शुरू।
प्रतिदिन 10-15 हजार प्याज के कट्टे मंडी पहुंच रहे हैं।
नई फसल से खुदरा प्याज कीमतों में कमी की उम्मीद।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश में पिछले कई महीनों से प्याज की खुदरा कीमतें ₹40-₹60 प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं। सरकार की ओर से सप्लाई बनाए रखने के लिए कांदा एक्सप्रेस और एजेंसियों के माध्यम से रियायती दरों पर प्याज बेचने का प्रयास जरूर किया गया लेकिन आम ग्राहकों तक इसका लाभ कम देखने को मिला। हालांकि अब प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
दरअसल देश की बड़ी प्याज मंडियों में गिनी जाने वाली अलवर मंडी में लाल प्याज की नए सीजन की फसल आवक शुरू हो गई है। इसके साथ ही किसानों को प्याज के इसके बेहतर दाम भी मिल रहे हैं।
हर रोज 15 हजार कट्टे पहुंच रही प्याज
बीते प्याज सीजन में किसानों ने सरकारी एजेंसियों को प्याज बेचने की बजाय सीधे मंडियों में बिक्री की थी, जिसकी वजह से सरकार का 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था। फिलहाल अलवर मंडी में लाल प्याज की नई फसल आने लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल मंडी में रोजाना 10 हजार से 15 हजार प्याज के कट्टे पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दिवाली के बाद आवक में तेजी आने की संभावना है और प्रतिदिन 80 हजार से एक लाख कट्टे तक प्याज मंडी पहुंच सकती है।
देशभर में मशहूर है अलवर का लाल प्याज
राजस्थान देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है। अलवर के साथ भरतपुर, दौसा, सीकर और झुंझुनूं के आसपास के इलाकों में प्याज की बड़े पैमाने पर खेती होती है। अलवर की लाल प्याज अपनी क्ववालिटी और अनोखी पहचान के लिए पूरे देश में फेमस है। बता दें कि नासिक के बाद अलवर को देश की दूसरी सबसे बड़ी प्याज मंडी माना जाता है। यहां नवंबर से फरवरी तक प्याज की आवक बनी रहती है। राजस्थान के अलावा इस मंडी से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे देश के अलग-अलग राज्यों में प्याज की सप्लाई होती है।
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खुदरा कीमतों में कमी आएगी?
प्याज की नई फसल की आवक शुरू हो गई है, आने वाले हफ्तों में और अधिक प्याज मंडियों तक पहुंचेंगी। नई फसल आने से जब मंडियों में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी तो उसकी खुदरा कीमतों में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक खरीफ सीजन में प्याज की अच्छी पैदावार होने की संभावना है, जिससे बाजार में सप्लाई मजबूत होगी और आम उपभोक्ताओं को भी बढ़े दामों से राहत मिल सकती है।