नई दिल्ली, प्रेट्र। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6.9 प्रतिशत के राजकोषीय घाटा लक्ष्य को सरकार की तरफ से बेहद जिम्मेदारी भरा बताया है। आगामी वित्त वर्ष के लिए पिछले दिनों पेश बजट पर लोकसभा में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्यों को एक लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित कर्ज से पूंजीगत खर्च और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री के अनुसार 6.9 प्रतिशत के राजकोषीय घाटा लक्ष्य से सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि राजकोष और खर्च में संतुलन बना रहे। वित्त मंत्री ने कहा कि किसी को यह नहीं लगना चाहिए कि राजकोषीय घाटे का लक्ष्य असामान्य है। सच यह है कि जिस महामारी से हम सब गुजर रहे हैं, वह असामान्य है और ऐसे माहौल में 6.9 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा लक्ष्य बेहद जिम्मेदारी भरा है।

इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट बाद बैठक में सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करेंगी। अपने संबोधन में वह राजकोषीय मजबूती की रूपरेखा और उच्च पूंजीगत व्यय समेत 2022-23 के केंद्रीय बजट की मुख्य बातों को रखेंगी। वित्त मंत्री की बजट के बाद रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल को संबोधित करने की परंपरा रही है। निदेशक मंडल में केंद्रीय बैंक के गवर्नर और चार डिप्टी गवर्नर शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि बैठक 14 फरवरी को होगी। बैठक में वह निदेशक मंडल के सदस्यों को संबोधित करेंगी और महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये बजट में की गयी घोषणाओं के बारे में बात करेंगी। एक फरवरी को पेश 2022-23 के बजट में बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 11.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त मंत्री ने निवेश के जरिये आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिये बजट में पूंजीगत व्यय 35.4 प्रतिशत बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है।

Edited By: Ashish Deep

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