नई दिल्ली, एएनआइ। 31 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसी को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को भाजपा नेताओं के साथ बजट को लेकर विचार विमर्श किया। बैठक में भाजपा के 25 राज्यों के प्रतिनिधियों ने वर्चुअली रूप से शामिल होकर बजट को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए।

इस चर्चा में 25 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें मिजोरम, त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों और झारखंड, छत्तीसगढ़, लद्दाख और तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा जैसे राज्य भी मध्य और उत्तर भारत के कई और राज्यों में शामिल थे, जो अपने क्षेत्रों के विकास के लिए प्रभावी कदम उठा रहे थे।

थिंक टैंक और मोर्चा अध्यक्षों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए

कुछ प्रमुख थिंक टैंक और मोर्चा अध्यक्षों ने भी अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी मुख्यालय से कार्यवाही का संचालन किया। संबंधित राज्य पार्टी कार्यालयों के अध्यक्ष भी वर्चुअल रूप से इस बैठक में मौजूद थे। लगभग 20 लिखित निवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें संकलित कर वित्त मंत्री को प्रस्तुत किया जाएगा।

राजस्थान और ओडिशा समेत 25 राज्यों के प्रतिनिधियों ने बैठक में लिया हिस्सा

इस पूरी बैठक का संचालन पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, और राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने किया। मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, छत्तीसगढ़, लद्दाख, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा समेत 25 राज्यों के प्रतिनिधियों ने बैठक में शामिल होकर अपने -अपने क्षेत्रों के विकास के लिए प्रभावी सुझावों को सामने रखा।

बता दें कि कोरोना के संक्रमण के चलते बजट सत्र दो हिस्सों में होगा। सूत्रों की मानें तो बजट सत्र का पहला हिस्सा 31 जनवरी से 11 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 14 मार्च से 8 अप्रैल तक हो सकता है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan