ITR डेडलाइन और रिफंड में देरी का झंझट होगा खत्म, बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत, क्या हैं उम्मीदें
Union Budget 2026: टैक्सपेयर्स हर साल ITR डेडलाइन बढ़ने और रिफंड में देरी से परेशान रहते हैं। बजट 2026 से ...और पढ़ें
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ITR डेडलाइन और रिफंड में देरी का झंझट होगा खत्म, बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत, क्या हैं उम्मीदें
HighLights
ITR डेडलाइन को स्थायी रूप से 31 अगस्त करने की मांग
रिफंड के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग डैशबोर्ड का सुझाव
बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को बड़े सुधारों की उम्मीद
नई दिल्ली| हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की तारीख बढ़ने का इंतजार और रिफंड (ITR Refund) का लंबा इंतजार- यही दो बातें हैं, जो आम टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। बजट 2026 से पहले टैक्स एक्सपर्ट्स अब इन दोनों मुद्दों पर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि टैक्स सिस्टम ज्यादा साफ, भरोसेमंद और तनावमुक्त बन सके।
यूनियन बजट 2026 (Union Budget 2026) करीब आते ही इनकम टैक्स सुधारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बार-बार 31 जुलाई की ITR डेडलाइन बढ़ाए जाने से न सिर्फ कन्फ्यूजन पैदा होता है, बल्कि आखिरी समय में टैक्सपेयर्स पर अनावश्यक दबाव भी बढ़ जाता है। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि तय और स्थायी तारीख से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
ITR की तय तारीख क्यों जरूरी?
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि, "हर साल 31 जुलाई की डेडलाइन बढ़ने से टैक्सपेयर्स कन्फ्यूज होते हैं। अगर इसे स्थायी रूप से 31 अगस्त कर दिया जाए, तो न सिर्फ अनुपालन बेहतर होगा, बल्कि लोगों का तनाव भी कम होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक फिक्स्ड ड्यू डेट (ITR Due Date) से सैलरीड क्लास, फ्रीलांसर और छोटे कारोबारियों को पहले से प्लानिंग करने में आसानी होगी।
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रिफंड को लेकर चिंता, ट्रैकिंग सिस्टम की मांग
ITR फाइल करने के बाद रिफंड कब आएगा? यह सवाल लगभग हर टैक्सपेयर के मन में रहता है। इसी को देखते हुए डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) ने बजट 2026-27 के लिए एक अहम सुझाव दिया है। कंपनी ने इनकम टैक्स पोर्टल पर रियल-टाइम रिफंड ट्रैकिंग डैशबोर्ड शुरू करने की सिफारिश की है।
डेलॉयट के प्रस्ताव के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) पोर्टल पर एक अलग डैशबोर्ड होना चाहिए, जहां रिफंड की हर स्टेज साफ दिखाई दे। इसमें "अंडर प्रोसेसिंग (Under Processing)", "अप्रूव्ड", "ट्रांसफर्ड टू बैंक" और "क्रेडिटेड" जैसे स्टेटस के साथ अनुमानित टाइमलाइन भी दिखे।
इसके अलावा, "रेज़ कंसर्न (Raise Concern)" का विकल्प हो, ताकि देरी होने पर टैक्सपेयर सीधे शिकायत दर्ज कर सकें। SMS और ईमेल अलर्ट के जरिए हर अपडेट की जानकारी मिलती रहे।
बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को Union Budget 2026 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि इस बार बजट में ITR की तय तारीख और तेज रिफंड जैसे सुधारों पर ठोस फैसला लिया जाएगा।
