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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PMS में निवेश करने से पहले ध्‍यान में रखें ये बातें, बढ़ सकता है आपका मुनाफा

By Manish MishraEdited By:
Published: Wed, 22 Jun 2022 02:33 PM (IST)Updated: Thu, 23 Jun 2022 06:51 AM (IST)

पीएमएस (PMS) मैनेजर्स अलग से प्रबंधित खातों के माध्यम से सीधे वित्तीय प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। वे तरलता प्रदर्शन-आधारित ...और पढ़ें

Keep These Things in Mind While Selecting a PMS Investment (PC: pexels)
Keep These Things in Mind While Selecting a PMS Investment (PC: pexels)

नई दिल्‍ली, प्रतीक पंत। पिछले कुछ वर्षों में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेस (PMS) उद्योग तेजी से विकसित हुआ है। अक्टूबर 2020 के अंत में, पीएमएस उद्योग द्वारा प्रबंधित एयूएम 19.2 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले 5 वर्षों में बढ़कर लगभग दोगुना हो गया (स्रोत: सेबी की वेबसाइट) है। इस वृद्धि के लिए नियमों में बदलाव बहुत बड़ा कारक था जो म्युचुअल फंड और पीएमएस उद्योग दोनों में हुआ। म्‍युचुअल फंड विनियमनों ने निवेश के लिए सख्त नियम बनाएं और इसलिए अधिकांश एक्टिव मैनेजर्स ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण पाया। बेहतर निवेशक जागरूकता, पीएमएस रणनीतियों द्वारा दिए गए लगातार उच्च रिटर्न्स, कई नए "स्टार मैनेजर्स" के उद्भव के साथ, पीएमएस उद्योग के लिए यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है।

सेबी (SEBI) ने पीएमएस में निवेश की सीमा बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी थी, जिससे खुदरा ग्राहकों को गलत बिक्री से बचाया जा सके। पीएमएस निवेशक मुख्य रूप से हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल (HNI) के जानकार निवेशक होते हैं जिनमें अधिक जोखिम उठाने की क्षमता होती है। पीएमएस मैनेजर्स अलग से प्रबंधित खातों के माध्यम से सीधे वित्तीय प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। वे तरलता, प्रदर्शन-आधारित शुल्क संरचनाओं, व्यापक निवेश, कराधान, एनएवी पर रिडेम्पशन के प्रभाव, आदि के संबंध में फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करते हैं।

पोर्टफोलियो मैनेजर का चयन करना केवल पिछले प्रदर्शन का विश्लेषण करने से कहीं अधिक है। इसमें मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों कारकों की जांच करना ताकि यह समझा जा सके कि निवेश के परिणाम कैसे प्राप्त हुए और भविष्य में इसके जारी रहने की संभावना का आकलन करना शामिल है। ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख कारकों में शामिल हैं:

फंड मैनेजमेंट

प्रत्येक पीएमएस फर्म अलग होता है जहां संस्थापक और निवेश टीम ने व्यापक संगठन रणनीति और निवेश दर्शन की व्याख्या की है। विचार करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु होंगे यदि निवेश निर्णय लेने में "स्टार मैनेजर" प्रभाव या टीम दृष्टिकोण है। निवेश टीम की बेंच स्ट्रेंथ और उनकी ओर से दी जाने वाली कवरेज संगठन की चौड़ाई और गहराई को समझने में मदद करते हैं।

निवेश ढांचा

पोर्टफोलियो मैनेजर विभिन्न निवेश प्रबंधन दृष्टिकोण और शैलियों का उपयोग करते हैं। कुछ मैनेजर्स एक निश्चित शैली जैसे मूल्य, विकास या गति अपनाते हैं, और कुछ उत्पादों और शैलियों के संयोजन की पेशकश करते हैं। निवेशकों को यह आकलन करना चाहिए कि क्या मैनेजर अपने लेबल के प्रति सही है। एक अच्छा संकेतक तब होगा जब बदलते बाजार चक्र के दौरान पोर्टफोलियो टर्नओवर रेशिओ या पोर्टफोलियो में मंथन अचानक बढ़ जाए। गलत धारणाओं में से एक यह है कि पीएमएस को केवल केंद्रित रणनीतियां चलानी चाहिए।

शुल्क संरचना

पोर्टफोलियो मैनेजर्स उन संपत्तियों पर प्रबंधन शुल्क लेते हैं जिनका वे प्रबंधन करते हैं। फिक्स्ड फी, परफॉर्मेंस फी या हाइब्रिड विकल्प हो सकते हैं। आम तौर पर, निवेशक बाजारों में तेजी के चरणों में फिक्स्ड फी और मंदी की अवधि के दौरान परफॉर्मेंस फी का चयन करते हैं। हालांकि, जब बाजार चक्र बदल जाता है (जैसा कि 2020 में), वे प्रदर्शन विकल्प में महत्वपूर्ण शुल्क का भुगतान करते हैं क्योंकि फिक्स्ड हडल रेट के प्रति समान शुल्क लिया गया है। कुछ फंड मैनेजर केवल मार्केट बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन पर प्रदर्शन शुल्क चार्ज करने की पेशकश करते हैं।

प्रदर्शन से मार्गदर्शन हो सकता है लेकिन भविष्य के रिटर्न का संकेतक नहीं

प्रदर्शन अक्सर निवेश प्रक्रिया का परिणाम होता है और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि जेनरेटेड रिटर्न्स मैनेजर के अवसर या कौशल के कारण हुआ है। रिटर्न के स्रोत और रिटर्न्स (रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स) उत्पन्न करने हेतू लिए गए जोखिम के परिमाण को समझने के लिए उपकरण उपलब्ध हैं। ट्रेंडिंग अप और डाउन मार्केट दोनों में पोर्टफोलियो की भागीदारी को समझना भी महत्वपूर्ण है। आपके वित्तीय सलाहकार के साथ उपरोक्त सभी वित्तीय अनुपातों की समीक्षा से भविष्य के प्रदर्शन की स्थिरता को समझने में मदद मिलेगी।

कुछ अन्य सोच-विचार शायद प्रवेश और निकासी शुल्‍क, तरलता की उपलब्धता, पोर्टफोलियो की रिपोर्टिंग में पारदर्शिता, आदि हो सकते हैं। स्मार्ट मनी पीएमएस को एलोकेट किया जा रहा है, लेकिन यह कई निवेशकों के लिए उनके कोर इक्विटी पोर्टफोलियो के लिए एक सैटेलाइट एलोकेशन बना हुआ है।

(लेखक वाइटओक कैपिटल एसेट मैनेजमेंट के चीफ बिज़नेस ऑफिसर हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)