यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget Expectations 2022: यू-ट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स की क्या हैं मांगे, जानें यहां
Budget 2022 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2022-23 आम बजट कल यानी 1 फरवरी 2022 को पेश करेंगी। इस ...और पढ़ें

नई दिल्ली, टेक डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी 2022 को वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश करेंगी। इस बार के आम बजट से टेक इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें है। इसी के मद्देनजर दैनिक जागरण ने यू-ट्यूब पर इकोनॉमिक मुद्दों पर कंटेंट क्रिएट करने वाले लोगों से बातचीत की है कि आखिर इस बजट से उन्हें क्या उम्मीदें है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
Parimal Ade (इनोकॉमिक यू-ट्यूब कंटेट क्रिएटर)
- यूपी समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है। यह एक पॉप्युलिस्ट बजट होगा।
- सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट रोड, रेलवे, पोर्ट और SEZs पर होगा।
- सरकार एजूकेशन सेक्ट खासतौर पर रुरल एरिया पर फोकस होगा। टैक्सेशन स्लैप में बढ़ोतरी होना चाहिए। जिससे लोगों को हाथ में ज्यादा पैसा आ सके। होम लोन पर टैक्स बिनिफिट्स को बढ़ा देना चाहिए।
- सेक्शन 80C की लिमिट को बढ़ाकर 1.5 लाख से 2 - 2.5 लाख कर देना चाहिए।
- इक्विटी के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होल्डिंग पीरियड एक साल से बढ़ाकर 3 साल कर देना चाहिए।
Nitin Bhatia (इकोनॉमिक मुद्दों पर यू-ट्यूब कंटेंट क्रिएटर)
- बाजार में अधिक एचएनआई दीर्घकालिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 1 लाख से अधिक के दीर्घकालिक लाभ पर 10% एलटीसीजी को समाप्त करना
- पीएसयू बैंकों में एफडीआई सीमा मौजूदा 20% से बढ़ाकर 51% करना चाहिए
- सरकार को एसटीटी खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए।
- सरकार को 44एडी के तहत पूर्णकालिक व्यापारियों के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त टर्नओवर सीमा प्रदान करें (अनुमानित आय)
Pranjal Kamra (इकोनॉमिक मुद्दों पर यू-ट्यूब कंटेंट क्रिएटर)
- केंद्रीय बजट 2022 में सरकार को STT रेट कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।
- सरकार को बजट में LTCG टैक्स हटा देना चाहिए।
- सरकार को वित्त बजट 2022-23 में 80C के तहत 1,50 लाख टैक्स छूट को बढ़ा देना चाहिए।
- सरकार को टैक्स स्लैब को लेकर पारदर्शिता बरतनी चाहिए। मतलब पुराने और नये टैक्स स्लैब के सस्पेंस को खत्म करना चाहिए।
