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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Aam Budget 2022 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम क्या होगा? लोगों ने दी ये प्रतिक्रिया

By Lakshya KumarEdited By:
Published: Sun, 30 Jan 2022 03:53 PM (IST)Updated: Mon, 31 Jan 2022 07:11 AM (IST)

Public Reactions On Budget 2022 For Farmers Jagran.com ने आम बजट 2022 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम ...और पढ़ें

Aam Budget 2022 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम क्या होगा? लोगों ने दी ये प्रतिक्रिया
Aam Budget 2022 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम क्या होगा? लोगों ने दी ये प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट (Aam Budget 2022) पेश करेंगी। कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में मोदी सरकार की ओर से पेश किया जाने वाला यह दूसरा बजट होगा। इस बजट को लेकर कई उम्मीदें लगाई जा रही हैं। किसान (Farmers) और खेती (Agriculture) के क्षेत्र में यह बजट क्या सौगात लेकर आएगा, इस पर भी सबकी नजरें हैं। हाल ही में समाचार एजेंसी पीटीआइ ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया था कि कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार बजट में कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर लगभग 18 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का कृषि ऋण लक्ष्य 16.5 लाख करोड़ रुपये का है।

Jagran.com ने चलाया पोल

इसी बीच Jagran.com ने आम लोगों से यह जानना चाहा कि आखिर उनके नजरिए से आम बजट 2022-23 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम क्या होगा। इसके लिए Jagran.com ने अपनी बेवसाइट पर एक पोल चलाया, जिसमें लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। पोल में सवाल किया गया- "आम बजट 2022 में किसानों और खेती के लिए सबसे अहम क्या होगा?"। इसपर प्रतिक्रिया के लिए लोगों को चार विकल्प दिए गए।

विकल्प

  1. किसानों की आय
  2. कृषि क्षेत्र का विकास
  3. उन्नत खेती को प्रोत्साहन
  4. एमएसपी में इजाफा

पोल का परिणाम

सैकड़ों लोगों ने इस पोल पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिनमें से सबसे ज्यादा 37.72 फीसदी लोगों ने पहले विकल्प "किसानों की आय" को चुना। यानी, इनका मानना है कि बजट 2022-23 में किसानों की आय को सबसे ज्यादा अहमियत मिलनी चाहिए। इसके बाद 27.85 फीसदी लोगों ने दूसरे विकल्प "कृषि क्षेत्र का विकास" को चुना जबकि 19.75 फीसदी लोगों ने तीसरे विकल्प "उन्नत खेती को प्रोत्साहन" को चुना और 14.68 फीसदी लोगों ने चौथे विकल्प "एमएसपी में इजाफा" को चुना।