बजट 2026: वो 5 फैसले जो बचाएंगे आपका पैसा; आम आदमी, स्टूडेंट और बुजुर्गों को वित्त मंत्री ने दिए ये खास तोहफे
बजट 2026 में आम आदमी, मिडिल क्लास, छात्रों और बुजुर्गों के लिए कई राहतें दी गई हैं। टैक्स का बोझ ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बजट 2026 में आम आदमी, मिडिल क्लास परिवारों, छात्रों और बुजुर्गों के लिए कई अहम राहत भरे कदम उठाए गए हैं। बजट में इन पर टैक्स का बोझ कम, आसान नियम और सुरक्षित, बचत के लिए नियम लाए हैं। सरकार ने इसे ''परिवारों की समृद्धि से राष्ट्र की मजबूती'' के लक्ष्य से जोड़ा है।
बजट में मिडिल क्लास परिवार को मिली बचत की सुरक्षा
मिडिल क्लास के लिए बजट में सबसे बड़ा फोकस टैक्स और कस्टम्स प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर रहा। अब विदेश से यात्रा के दौरान एक लैपटॉप को पर्सनल सामान के साथ लाने पर स्पष्ट नियम तय कर दिए गए हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के जरिए कस्टम डिक्लेरेशन और ड्यूटी पेमेंट की सुविधा दी जाएगी, जिससे एयरपोर्ट पर लगने वाला समय और तनाव दोनों कम होंगे।
विदेश से स्थायी रूप से लौटने वालों के लिए घरेलू सामान लाने की ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ाई गई है। इसके अलावा सभी पर्सनल इंपोर्ट्स और गिफ्ट्स पर एक समान कस्टम ड्यूटी लागू की जा रही है, जिससे भ्रम खत्म होगा।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर बड़ी राहत देते हुए 17 कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म की गई है। वहीं 7 और दुर्लभ बीमारियों के इलाज से जुड़े दवाइयों और विशेष भोजन को भी ड्यूटी-फ्री किया गया है।
बजट में स्टूडेंट को विदेश में पढ़ाई के लिए मिला आसान मौका
विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिवारों के लिए बजट राहत लेकर आया है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए भेजी जाने वाली राशि पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है, जो पहले 5% होता था। इससे छात्रों पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा, एजुकेशन लोन पर निर्भरता घटेगी और इंपोर्टेड स्टडी मटेरियल या पार्सल की क्लियरेंस भी तेज होगी।
बुजुर्ग को बजट में आय सुरक्षा मिली
सीनियर सिटीजन्स के लिए बजट में 'कम कागजी काम, ज्यादा सुकून' की सोच दिखाई देती है। अब डिविडेंड और ब्याज पर TDS से राहत के लिए Form 15G/15H एक ही विंडो से जमा किया जा सकेगा। छोटे करदाताओं के लिए लोअर या निल TDS सर्टिफिकेट पाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड होगी। अब अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा, रिवाइज्ड रिटर्न भरने की समय-सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है वो भी नाममात्र शुल्क के साथ होगी। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर ड्यूटी छूट बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
बजट में आम आदमी का विदेश घूमना हुआ सस्ता
आम नागरिकों के लिए बजट का सीधा असर रोजमर्रा के खर्चों पर दिखेगा। माइक्रोवेव ओवन के महंगे और जरूरी कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी हटाने से घरेलू उपकरण सस्ते होने की उम्मीद है। विदेश यात्रा करने वालों के लिए ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS अब सिर्फ 2% होगा, जो पहले 5% और कुछ मामलों में 20% तक था। इससे घूमने-फिरने का खर्च तुरंत बढ़ने से बचेगा।
